
भारतीय क्रिकेट टीम के टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव इन दिनों अपने खेल से ज्यादा अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने मौजूदा फॉर्म और हिंदी भाषा को लेकर खुलकर बात की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि क्रिकेट में फॉर्म स्थायी नहीं होता और हर खिलाड़ी के करियर में ऐसा दौर आता है जब उसे सीखने की जरूरत होती है। उन्होंने अपने खराब फॉर्म को “लर्निंग स्टेज” बताते हुए कहा कि वह इस समय खुद को बेहतर बनाने और अपनी गलतियों से सीखने पर फोकस कर रहे हैं। सूर्या ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी दबाव में नहीं हैं, क्योंकि उन्हें अपनी मेहनत और टीम के सहयोग पर पूरा भरोसा है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि फिलहाल उनके “14 साथी खिलाड़ी” उनकी कमी पूरी कर रहे हैं और टीम मजबूत हाथों में है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिस दिन उनका बल्ला चलेगा, उस दिन नतीजे सबके सामने होंगे। इसके साथ ही सूर्यकुमार यादव ने हिंदी भाषा को लेकर भी दिलचस्प बात कही। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्हें हिंदी बोलने में झिझक होती थी, लेकिन अब वह लगातार सीख रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि आम लोगों और फैन्स से उनकी भाषा में संवाद कर सकें। उनके इस बयान को फैन्स ने काफी पसंद किया और इसे उनकी सादगी व सकारात्मक सोच से जोड़कर देखा।
सूर्यकुमार यादव का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उनके हालिया प्रदर्शन को लेकर सवाल उठ रहे थे। लेकिन उनके आत्मविश्वास भरे शब्दों से यह साफ है कि वह आलोचनाओं से घबराने के बजाय सीखने और आगे बढ़ने में विश्वास रखते हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि सूर्या जैसे अनुभवी खिलाड़ी का यह नजरिया युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है, क्योंकि यह सिखाता है कि मुश्किल दौर में भी धैर्य और मेहनत ही सफलता की कुंजी होती है।



