बिहार के समस्तीपुर से हत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस के मुताबिक बेटे ने अपने पिता की हत्या की साजिश रचते समय फिल्म ‘दृश्यम’ में दिखाए गए तरीके से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। मामला हलई थाना क्षेत्र के दरबा गांव का है, जहां किसान रघुवीर सहनी की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में उनके बेटे शिव शंकर सहनी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से पुलिस को कथित साजिश की अहम कड़ियां मिलीं।
पुलिस के अनुसार, रघुवीर सहनी 26 जुलाई की रात घर के बाहर सो रहे थे। इसी दौरान शिव शंकर कथित तौर पर घर के पीछे के रास्ते से अंदर पहुंचा और घर में रखी कुल्हाड़ी से अपने पिता पर हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह वहां से निकल गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और हत्या से पहले तथा बाद की अपनी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है।
जांच में सामने आया कि शिव शंकर सूरत में रहता था और पुलिस के मुताबिक उसने अपनी मौजूदगी को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की। कथित तौर पर उसने सूरत से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया, ताकि फोन की आखिरी लोकेशन वहीं दिखाई दे और जांच करने वालों को लगे कि वह घटना के समय सूरत में ही था। इस तरीके को पुलिस ने फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित बताया है।
हालांकि आरोपी की यह योजना ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। पुलिस के मुताबिक, हत्या के आसपास के समय में उसकी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। जब जांच टीम ने कॉल डिटेल और मोबाइल टावर लोकेशन की जांच की तो इस बातचीत के दौरान फोन की लोकेशन पटोरी इलाके में मिली। इसके बाद मोबाइल फिर बंद हो गया और करीब 36 घंटे बाद दोबारा चालू होने पर उसकी लोकेशन सूरत में मिली। इन दोनों लोकेशन के बीच का अंतर पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया।
पुलिस के अनुसार, शिव शंकर करीब 2000 किलोमीटर दूर सूरत से ट्रेन के जरिए बिहार पहुंचा था। वह पटना होते हुए हाजीपुर और फिर पटोरी स्टेशन पहुंचा। रात में पटोरी स्टेशन पर उतरने के बाद उसने कथित तौर पर कुछ दूरी तक वाहन से सफर किया और फिर करीब चार किलोमीटर खेतों के रास्ते पैदल अपने गांव पहुंचा। घर का मुख्य दरवाजा बंद होने पर वह पीछे के रास्ते से अंदर गया और वहां से कुल्हाड़ी लेकर पिता पर हमला किया।
पुलिस की मानें तो हत्या के बाद आरोपी उसी रास्ते से वापस निकला और लगुनिया स्टेशन पहुंचा। वहां से पटोरी और फिर पटना होते हुए वह ट्रेन से वापस सूरत चला गया। इस तरह वारदात को अंजाम देने के बाद वह दोबारा अपने काम की जगह लौट गया। पुलिस को उस पर शक तब और गहरा हुआ जब वह पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ। परिवार और गांव में उसकी गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे थे।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े मोबाइल डंप डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की। इसी प्रक्रिया में शिव शंकर के मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद कॉल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और उसकी आवाजाही के पैटर्न को खंगाला गया। तकनीकी जांच से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम सूरत पहुंची और वहां से आरोपी को गिरफ्तार कर समस्तीपुर लाई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने पिता और अपनी पत्नी के बीच विवाद का भी जिक्र किया। बताया गया कि पिता और पत्नी के बीच कथित तौर पर अक्सर गाली-गलौज और विवाद होता था। इसके अलावा आरोपी जमीन का कुछ हिस्सा बेचना चाहता था, लेकिन पिता इसके लिए तैयार नहीं थे। पुलिस इन वजहों को हत्या के संभावित कारणों की जांच का हिस्सा मान रही है। हालांकि मामले में हत्या के पीछे की पूरी वजह और अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि वह वारदात के समय नशे में था। पुलिस के अनुसार, घर में दाखिल होने के बाद वह करीब 10 मिनट तक हाथ में कुल्हाड़ी लिए खड़ा रहा और हत्या करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इसके बाद कथित तौर पर गुस्से में उसने पिता पर हमला कर दिया। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर इस घटनाक्रम की जानकारी दी है।
इस मामले में फिलहाल पुलिस ने शिव शंकर सहनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, आरोपी के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में आरोपी की पत्नी की हत्या में संलिप्तता सामने नहीं आई है। यानी जिस मोबाइल कॉल ने कथित तौर पर आरोपी की योजना का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई, उसी बातचीत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया और करीब 2000 किलोमीटर दूर मौजूद होने का दावा कर रहे आरोपी तक पहुंच बनाई।
