
बीएमसी चुनाव 2026: दक्षिण मुंबई में मकरंद नारवेकर और परिवार का कब्जा
मुंबई के बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) चुनाव में मकरंद नारवेकर नाम एक बार फिर समाचारों की सुर्ख़ियाँ बनने वाला है। नारवेकर न केवल इस चुनाव में सबसे अमीर उम्मीदवारों में से एक रहे, बल्कि उन्होंने वार्ड नंबर 226 (कफी पार्ले/दक्षिण मुंबई) से जीत भी हासिल की। उन्होंने अपने **आधिकारिक हलफनामे में कुल ₹124.4 करोड़ से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जिससे वे इस चुनाव के सबसे हाई‑नेट‑वर्थ (सबसे अधिक संपत्ति वाले) प्रत्याशियों में शुमार हुए।
मकरंद नारवेकर का राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव परिवार से भी जुड़ा हुआ है। वे महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नारवेकर के छोटे भाई हैं, जो बीजेपी के प्रमुख नेता भी हैं। चुनाव परिणामों में नारवेकर परिवार का दबदबा भी स्पष्ट दिखा — मकरंद के अलावा उनकी बहन‑in‑law हर्षिता नारवेकर (वार्ड 225) और कजिन गौरवी शिवलकर नारवेकर (वार्ड 227) ने भी जीत दर्ज की, जिससे दक्षिण मुंबई के कई हिस्सों में बीजेपी की पकड़ मजबूत हुई।
मकरंद की संपत्ति में चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति शामिल हैं। दक्षिण मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में फ्लैट और आलीबाग में कृषि भूमि जैसी महत्त्वपूर्ण संपत्तियाँ भी उनके नाम दर्ज हैं। इन संपत्तियों के ज़रिए उनकी कुल संपत्ति पिछले कुछ वर्षों में लाखों प्रतिशत तक बढ़ी है, जिससे राजनीति और संपत्ति के बीच संबंध एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
बीएमसी चुनाव 2026 में करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ी है, और ये चुनाव मुंबई के राजनीतिक परिदृश्य और स्थानीय सत्ता संघर्ष में संपत्ति और परिवार‑बेस्ड राजनीति की भूमिका को उजागर करता है।



