Site icon Prsd News

बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: 90 वर्षीय महिला का केस 2046 तक टला, कोर्ट ने कहा—‘अहंकार की लड़ाई’

mumbai high court

Bombay High Court ने एक बेहद चौंकाने वाला फैसला सुनाते हुए 90 वर्षीय महिला के मानहानि केस की सुनवाई सीधे साल 2046 तक के लिए टाल दी है। अदालत ने इस मामले को “अहंकार की लड़ाई” बताते हुए कहा कि ऐसे विवाद न्यायिक व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ डालते हैं और जरूरी मामलों की सुनवाई में बाधा बनते हैं।

यह मामला साल 2017 में दायर किया गया था, जिसमें करीब 20 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई थी। विवाद मुंबई की एक हाउसिंग सोसाइटी से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर हुई घटनाओं के कारण महिला और उनकी बेटी ने मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

सुनवाई के दौरान जस्टिस जितेंद्र जैन ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह उन मामलों में से एक है जहां जीवन के अंतिम पड़ाव पर पक्षकारों के बीच अहंकार की लड़ाई न्याय प्रणाली को “जाम” कर देती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ वरिष्ठ नागरिक होने के आधार पर इस मामले को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने पहले दोनों पक्षों को समझौते का सुझाव दिया था, लेकिन 90 वर्षीय महिला ने केस जारी रखने पर जोर दिया। इसके बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि इस मामले को अगले 20 वर्षों तक सूचीबद्ध ही न किया जाए और इसे 2046 के बाद ही सुना जाए।

यह फैसला न्यायिक प्रणाली में लंबित मामलों और अदालतों पर बढ़ते दबाव को भी उजागर करता है। अदालत का मानना है कि ऐसे व्यक्तिगत विवादों को प्राथमिकता देने से अन्य महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई प्रभावित होती है।

Exit mobile version