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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन, 10 बॉक्सर फाइनल में पहुंचे; गोल्ड जीतने का सुनहरा मौका

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिता में भारत के 10 मुक्केबाजों ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना ली है। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने मुक्केबाजी में अपना दबदबा साबित किया है और अब सभी की निगाहें गोल्ड मेडल मुकाबलों पर टिकी हैं। भारतीय दल के लिए यह अब तक के सबसे सफल अभियानों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें मजबूत कर दी हैं।

महिला वर्ग में ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की और फाइनल में प्रवेश किया। उनके अलावा जैसमीन लांबोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घांघस और अरुंधति चौधरी ने भी अपने-अपने मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक की दौड़ में जगह बनाई। सभी खिलाड़ियों ने आक्रामक और तकनीकी रूप से मजबूत खेल दिखाते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया, जिससे भारतीय महिला मुक्केबाजी की ताकत एक बार फिर दुनिया के सामने आई।

पुरुष वर्ग में भी भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। सचिन सिवाच, जादूमणि सिंह, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बरवाल ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया। इन खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले के दौरान आत्मविश्वास और आक्रामक रणनीति के साथ खेलते हुए विरोधियों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उनकी जीत ने भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।

भारतीय मुक्केबाजी दल का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि 14 सदस्यीय टीम में से 10 खिलाड़ी फाइनल तक पहुंचने में सफल रहे हैं। इससे यह साफ हो गया है कि भारत इस बार मुक्केबाजी में सबसे मजबूत देशों में शामिल है। यदि फाइनल में भी खिलाड़ी अपना यही प्रदर्शन दोहराने में सफल रहते हैं तो भारत के खाते में कई स्वर्ण पदक जुड़ सकते हैं, जो राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि होगी।

अब पूरे देश की नजरें फाइनल मुकाबलों पर हैं, जहां भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने के इरादे से रिंग में उतरेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारतीय खिलाड़ियों के पास कई गोल्ड मेडल जीतने का शानदार अवसर है। यदि ऐसा होता है तो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय मुक्केबाजी के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी टीम का मनोबल काफी ऊंचा होगा।

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