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चक्रवात ‘अरनब’ का असर: आंध्र प्रदेश-ओडिशा में बाढ़ और तबाही, दिल्ली में 4 साल का सबसे ठंडा अक्टूबर दिन; बिहार-राजस्थान में बारिश का अलर्ट

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चक्रवात ‘अरनब’ का असर देश के कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा यह बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड में भी मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात अरनब आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करने के बाद कमजोर होकर पहले गहरे अवदाब और फिर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया। 29 अक्टूबर को यह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर सक्रिय था। तूफान की ताकत कम होने के बावजूद इससे जुड़ी नमी और मौसम प्रणाली के कारण पूर्वी तथा मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी है।

ओडिशा में तूफान के बाद भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हुई है। गंजाम जिले के करीब 300 गांव प्रभावित बताए गए हैं, जिनमें लगभग 70 गांवों का संपर्क प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में लोग पानी से घिर गए हैं। राहत और बचाव के लिए आपदा प्रबंधन एजेंसियों की टीमें तैनात की गई हैं। भारतीय तटरक्षक बल ने बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हवाई अभियान भी शुरू किया है।

आंध्र प्रदेश में भी चक्रवात के कारण तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का असर देखने को मिला। समुद्र में ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए पहले ही मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई थी। तूफान के बाद कुछ रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। रेलवे के अलग-अलग मंडलों ने जलस्तर बढ़ने और परिचालन संबंधी दिक्कतों के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द और कुछ को दूसरे मार्गों से चलाने का फैसला किया है। यात्रियों को सफर से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। 29 अक्टूबर को सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 5.6 डिग्री कम था। यह अक्टूबर में पिछले चार वर्षों का सबसे कम अधिकतम तापमान बताया गया है। 30 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में बादल, हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया।

बिहार में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी है। खासकर उत्तरी बिहार के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम में बदलाव के कारण अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इससे दिन के समय भी ठंडक महसूस होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य जारी हैं। वहीं उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। फिलहाल चक्रवात अरनब कमजोर हो चुका है, लेकिन इससे जुड़ी मौसम प्रणालियों के कारण कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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