देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात एक युवा न्यायिक अधिकारी अमन कुमार शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती जांच में इस घटना को आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि करीब 30 वर्षीय अमन कुमार शर्मा दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके में अपने घर में मृत पाए गए। घटना की सूचना पुलिस को शनिवार दोपहर करीब 1:45 बजे एक PCR कॉल के जरिए मिली। कॉल उनके जीजा द्वारा की गई थी, जिन्होंने बताया कि अमन ने अपने घर के बाथरूम में आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमन कुमार शर्मा दिल्ली न्यायिक सेवा के अधिकारी थे और कड़कड़डूमा कोर्ट में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 2021 में न्यायिक सेवा जॉइन की थी और इससे पहले पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि घटना से ठीक एक दिन पहले अमन ने अपने पिता को फोन कर अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि वह मानसिक रूप से काफी तनाव में हैं और उनका “जीना मुश्किल हो गया है।” बेटे की बात सुनकर पिता उसी रात अलवर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। परिवार के मुताबिक, अमन के घर में वैवाहिक विवाद चल रहा था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। बताया गया है कि इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस को प्राथमिक जांच में कोई साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।
इस घटना ने न्यायिक जगत और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है। एक युवा जज का इस तरह असमय जाना कई सवाल खड़े करता है, खासकर मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर दबाव को लेकर। हाल के समय में बढ़ते तनाव और व्यक्तिगत समस्याएं किस तरह गंभीर परिणाम दे सकती हैं, यह घटना उसका एक दुखद उदाहरण बन गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों की पूरी पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और परिवार के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
