दिल्ली में जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र के आसपास चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में स्थित 16 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इनमें राजीव चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, जनपथ, पटेल चौक और जंतर-मंतर के आसपास के अन्य प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। हालांकि कुछ इंटरचेंज स्टेशनों पर केवल ट्रेन बदलने की सुविधा सीमित रूप से जारी रखी गई, लेकिन यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने या अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। यह फैसला सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर लिया गया ताकि विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
स्टेशनों के अचानक बंद होने से हजारों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र और अन्य यात्री कई स्थानों पर मेट्रो से उतरने के बाद स्टेशन से बाहर नहीं निकल सके। कुछ यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े, जबकि कई लोगों को बस, ऑटो और टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। प्रमुख स्टेशनों के बाहर लंबी कतारें और भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे राजधानी के कई हिस्सों में यातायात भी प्रभावित हुआ।
विरोध प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई, बैरिकेडिंग की गई और कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई लोगों ने बिना पूर्व सूचना के स्टेशनों के बंद किए जाने पर सवाल उठाए। कुछ स्थानों पर यात्रियों को बैरिकेड पार कर बाहर निकलने की कोशिश करते हुए भी देखा गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए कहा कि अचानक लागू किए गए प्रतिबंधों के कारण उन्हें समय पर दफ्तर, स्कूल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में काफी कठिनाई हुई।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक अपडेट अवश्य देखें और आवश्यकता होने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा एजेंसियों से मिले निर्देशों के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया है और स्थिति सामान्य होने पर स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोला जाएगा।
राजनीतिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के कारण आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी के संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक परिवहन पर इस तरह के प्रतिबंध अस्थायी रूप से लगाए जाते हैं, लेकिन इससे आम यात्रियों के दैनिक जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। आने वाले दिनों में सुरक्षा स्थिति के आकलन के बाद ही यह तय होगा कि बंद किए गए सभी मेट्रो स्टेशनों पर सामान्य संचालन कब पूरी तरह बहाल किया जाएगा।
