दिल्ली में बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच सरकार ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) द्वारा जारी आदेश के अनुसार राजधानी के सभी सरकारी स्कूल 11 मई से 30 जून 2026 तक बंद रहेंगे। यानी छात्रों को लगभग 51 दिनों की लंबी छुट्टी मिलेगी। हालांकि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए राहत और सख्ती दोनों साथ-साथ देखने को मिलेंगी, क्योंकि 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए छुट्टियों के दौरान भी विशेष रेमेडियल क्लासेज आयोजित की जाएंगी।
शिक्षा विभाग के मुताबिक ये विशेष कक्षाएं 11 मई से 23 मई तक चलेंगी। इनका मुख्य उद्देश्य कमजोर छात्रों की पढ़ाई मजबूत करना, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी बेहतर बनाना और छात्रों की बुनियादी समझ को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि कोविड के बाद कई छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा था और अब बोर्ड कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग जरूरी है। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि ये रेमेडियल क्लासेज पूरी तरह अकादमिक सुधार पर केंद्रित होंगी।
9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए विशेष रूप से गणित और विज्ञान विषयों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। वहीं 12वीं कक्षा के लिए स्कूल अपने स्तर पर छात्रों की जरूरत और प्रदर्शन के आधार पर विषय तय करेंगे। गर्मी को देखते हुए इन विशेष कक्षाओं के समय में भी बदलाव किया गया है। छात्रों के लिए स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक रखा गया है, जबकि शिक्षकों को सुबह 7:20 बजे से 11 बजे तक उपस्थित रहना होगा। सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि गर्मी और हीटवेव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए छात्रों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए।
दिल्ली में इस समय तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हीटवेव की संभावना भी जताई है। ऐसे में स्कूलों की छुट्टियों का फैसला छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। देश के कई अन्य राज्यों में भी बढ़ती गर्मी के कारण स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टियों की घोषणा की जा चुकी है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिहाज से यह फैसला काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।
अक्सर गर्मी की लंबी छुट्टियों के कारण छात्रों की पढ़ाई की लय टूट जाती है, लेकिन विशेष कक्षाओं से छात्रों को लगातार पढ़ाई में बने रहने में मदद मिलेगी। खासतौर पर वे छात्र जिन्हें किसी विषय में अतिरिक्त सहायता की जरूरत है, उन्हें इससे फायदा मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार पहले भी लर्निंग गैप कम करने और छात्रों के परिणाम सुधारने के लिए कई विशेष अभियान चला चुकी है। इस बार भी शिक्षा विभाग का फोकस बोर्ड कक्षाओं के रिजल्ट बेहतर बनाने पर है।
अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता के आधार पर ही रेमेडियल क्लासेज आयोजित की जाएंगी। छात्रों और अभिभावकों के बीच इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ लंबी छुट्टियों को लेकर बच्चों में उत्साह है, वहीं बोर्ड कक्षाओं के कई छात्र अतिरिक्त पढ़ाई को लेकर गंभीर भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ अभिभावकों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई मजबूत होगी और बोर्ड परीक्षा का दबाव कम होगा। दिल्ली के स्कूल 1 जुलाई 2026 से दोबारा खुलने की संभावना है। तब तक छात्रों को गर्मी से राहत के साथ-साथ पढ़ाई और आराम दोनों का संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है।
