भारत-ए के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ पहले अनऑफिशियल टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 199 रन की यादगार पारी खेली। वह अपने दोहरे शतक से महज एक रन दूर रह गए। सोमवार, 26 अक्टूबर को मुकाबले के तीसरे दिन पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी से भारतीय टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी की बदौलत भारत-ए ने पहली पारी में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की।
लिंकन के बर्ट सटक्लिफ ओवल मैदान पर खेले जा रहे इस चार दिवसीय मुकाबले में भारत-ए की पहली पारी महज 113 रन पर सिमट गई थी। न्यूजीलैंड-ए ने जवाब में 317 रन बनाकर 204 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों के सामने दूसरी पारी में मजबूत प्रदर्शन करने की चुनौती थी, क्योंकि टीम पर पारी से हार का खतरा मंडरा रहा था।
दूसरी पारी में भी भारत-ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही। यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम का स्कोर दो विकेट पर सिर्फ 10 रन हो गया। ऐसे मुश्किल समय में पडिक्कल और साई सुदर्शन ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखते हुए तीसरे विकेट के लिए 215 रन की शानदार साझेदारी की और भारतीय पारी को संभाल लिया।
पडिक्कल ने अपनी पारी के दौरान बेहतरीन टाइमिंग और शॉट चयन का प्रदर्शन किया। उन्होंने 248 गेंदों का सामना करते हुए 199 रन बनाए और अपनी पारी में 25 चौके तथा एक छक्का लगाया। वह दोहरा शतक पूरा करने से सिर्फ एक रन पहले विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। हालांकि, उनकी यह पारी भारत-ए के लिए बेहद अहम साबित हुई और उन्होंने टीम की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी दर्ज किया।
दूसरी ओर, साई सुदर्शन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 92 रन बनाए। उन्होंने पडिक्कल के साथ मिलकर न्यूजीलैंड-ए के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और टीम को शुरुआती झटकों से उबरने का मौका दिया। हालांकि, सुदर्शन भी शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पारी ने भारत-ए की वापसी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाई।
इस पारी के दौरान पडिक्कल ने भारत-ए के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 1,000 रन पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की। यह टीम के लिए उनका तीसरा शतक था। वह इस मुकाबले से पहले घरेलू क्रिकेट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, लेकिन श्रीलंका दौरे पर उनकी शानदार फॉर्म ने पहले ही सबका ध्यान खींचा था। न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ उनकी 199 रन की पारी ने एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी क्षमता और लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की योग्यता को साबित किया।
न्यूजीलैंड-ए की पहली पारी में कप्तान रीस मारियू ने 76 रन बनाए, जबकि डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रन का योगदान दिया। कर्टिस हीफी ने 44 और क्रिस्टियन क्लार्क ने 42 रन बनाए। भारत-ए की ओर से अंशुल कम्बोज और आकिब नबी ने तीन-तीन विकेट हासिल किए, जबकि आकाश दीप ने दो बल्लेबाजों को आउट किया। न्यूजीलैंड-ए की 317 रन की पारी ने भारत को दूसरी पारी में बड़े स्कोर की जरूरत के सामने खड़ा कर दिया था।
पडिक्कल के 199 रन और सुदर्शन की 92 रन की पारी ने भारत-ए को मुकाबले में मजबूती से वापस ला दिया। दोहरा शतक चूकने के बावजूद पडिक्कल की यह पारी उनके करियर की उल्लेखनीय पारियों में शामिल हो गई। अब भारतीय टीम की कोशिश इस मजबूत शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने और न्यूजीलैंड-ए के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने की होगी।
