कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री D. K. Shivakumar ने पद संभालते ही युवाओं, छात्रों और रोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। अपनी पहली कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंने राज्य के सभी छात्रों को मुफ्त बस पास देने, निजी रोजगार विनिमय (प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज) स्थापित करने और बड़े स्तर पर युवा क्लबों के गठन जैसी योजनाओं का ऐलान किया। इन फैसलों को नई सरकार के युवा-केंद्रित एजेंडे के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार के अनुसार, अब स्कूल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ने वाले छात्रों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह योजना पहले मुख्य रूप से छात्राओं और कुछ विशेष श्रेणियों तक सीमित थी, लेकिन नई घोषणा के बाद इसका दायरा काफी बढ़ जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और परिवारों पर परिवहन का आर्थिक बोझ कम होगा।
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा कदम उठाते हुए एक निजी रोजगार विनिमय प्रणाली शुरू करने की घोषणा की है। इसके माध्यम से निजी क्षेत्र की कंपनियों और नौकरी तलाश रहे युवाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह पहल राज्य में बेरोजगारी कम करने की दिशा में अहम साबित होगी।
इसके अलावा राज्यभर में हजारों युवा क्लब स्थापित करने की योजना भी सामने आई है। इन क्लबों का उद्देश्य युवाओं को सामाजिक गतिविधियों, खेल, कौशल विकास और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार “भारत जोड़ो क्लब” मॉडल के तहत करीब 10 हजार क्लबों के गठन पर काम कर सकती है।
नई सरकार ने बेंगलुरु के संपत्ति करदाताओं को राहत देने के लिए एकमुश्त प्रॉपर्टी टैक्स राहत योजना की भी घोषणा की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद किए गए ये फैसले जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने की कोशिश हैं।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित ये योजनाएं आने वाले वर्षों में राज्य के विकास मॉडल की आधारशिला बन सकती हैं। अब सभी की नजर इन घोषणाओं के क्रियान्वयन और उनके वास्तविक प्रभाव पर रहेगी।
