
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में हाल ही में की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और वहाँ के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद क्यूबा को एक सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा को बहुत देर होने से पहले अमेरिका के साथ कोई समझौता (deal) कर लेना चाहिए, अन्यथा वेनेजुएला से तेल और वित्तीय सहायता बंद होने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। यह बयान उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब क्यूबा को वेनेजुएला से तेल और आर्थिक मदद नहीं मिलेगी, जो वर्षों से उसके लिए महत्वपूर्ण स्रोत रहा है।
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के बाद क्यूबा की स्थिति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि देश अब तेल और वित्तीय संसाधनों के मामले में पूर्ण रूप से संकट का सामना कर सकता है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि अगर क्यूबा अमेरिका के साथ साझेदारी नहीं करता, तो उन्हें आर्थिक और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ेगा, जो उनके लिए दीर्घकालीन संकट का कारण बन सकता है।
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़‑कैनएल ने ट्रंप के इस बयान और अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और राज्य आतंकवाद जैसा व्यवहार है। उन्होंने यह भी चेताया कि क्यूबा अपने हितों और सुरक्षा को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। इसके साथ ही हैवाना में हजारों नागरिकों ने प्रदर्शन किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि जनता इस अमेरिकी रुख से काफी असंतुष्ट है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की चेतावनी क्षेत्रीय राजनीति और तेल संसाधनों पर नियंत्रण के मुद्दे से जुड़ी है। वेनेजुएला लंबे समय तक क्यूबा को बड़ी मात्रा में तेल और आर्थिक सहायता देता रहा है, और बदले में क्यूबा ने Caracas के नेतृत्व को सुरक्षा और राजनीतिक समर्थन प्रदान किया। अब अमेरिकी कार्रवाई और ट्रंप के संदेश के बाद यह गठजोड़ कमजोर हो सकता है।
ट्रंप की इस चेतावनी ने अमेरिका और क्यूबा के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। यह स्थिति पूरे कैरेबियन क्षेत्र और लैटिन अमेरिका में सैन्य और आर्थिक प्रभाव के लिए चिंता का विषय बन गई है। इसके अलावा, यह संकेत भी देता है कि अमेरिका वेनेजुएला और क्यूबा दोनों पर अपनी दबाव नीति जारी रखेगा, ताकि क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत कर सके।
विशेष रूप से यह कदम अमेरिकी विदेश नीति की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें आर्थिक दबाव और राजनीतिक संदेश के माध्यम से विरोधी देशों को अमेरिकी हितों के अनुरूप लाया जाता है। ट्रंप की चेतावनी यह भी दर्शाती है कि अमेरिका अब सीधे तौर पर क्यूबा की आर्थिक और राजनीतिक गतिविधियों पर निगरानी और हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है।



