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अमेरिका में ट्रंप-बाइडेन की हत्या की साजिश का मामला: पाकिस्तानी आरोपी का दावा—ईरानी जासूसों ने परिवार को धमकाकर कराया काम

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अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और वर्तमान राष्ट्रपति Joe Biden की कथित हत्या की साजिश से जुड़ा मामला इन दिनों सुर्खियों में है। इस मामले में आरोपी एक पाकिस्तानी नागरिक ने अमेरिकी अदालत में दावा किया है कि उसने यह साजिश अपनी इच्छा से नहीं बल्कि मजबूरी में रची थी। आरोपी का कहना है कि ईरान से जुड़े जासूसों ने उसके परिवार को धमकी दी थी, जिसके कारण उसे इस योजना में शामिल होना पड़ा। यह मामला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

अदालत में पेश हुए पाकिस्तानी नागरिक Asif Merchant ने बताया कि उस पर ईरानी खुफिया नेटवर्क से जुड़े लोगों का दबाव था। उसने दावा किया कि उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई थी, जिसके चलते उसे कथित तौर पर अमेरिकी नेताओं को निशाना बनाने की योजना में शामिल होना पड़ा। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह साजिश ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े लोगों द्वारा तैयार की गई थी और इसका मकसद अमेरिकी नेताओं पर हमला करना था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने अमेरिका में कुछ लोगों को इस साजिश में शामिल करने की कोशिश भी की थी। रिपोर्ट के अनुसार उसने कथित तौर पर हत्या के लिए लोगों को भर्ती करने की योजना बनाई और इसके लिए पैसे भी देने की बात कही। बाद में पता चला कि जिन लोगों से वह संपर्क कर रहा था, उनमें से कुछ वास्तव में अमेरिकी एजेंसियों के अंडरकवर अधिकारी थे, जिन्होंने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह योजना 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले बनाई गई थी और इसमें कई बड़े नेताओं को संभावित लक्ष्य बताया गया था। हालांकि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के उस दावे को चुनौती दी है जिसमें उसने कहा कि वह मजबूरी में ऐसा कर रहा था।

इस पूरे मामले ने अमेरिका-ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद का कारण बन सकता है। फिलहाल अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी है और आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि आरोपी के दावे में कितनी सच्चाई है और इस कथित साजिश के पीछे वास्तव में कौन-कौन शामिल था।

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