फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरा दमखम दिखाया। स्पेन की ओर से फेबियन रुइज़ ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन बेल्जियम ने हार नहीं मानी और चार्ल्स डी केटेलेयर के गोल की बदौलत मुकाबले में बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद मैच लंबे समय तक बराबरी पर बना रहा और ऐसा लगने लगा कि मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ सकता है। हालांकि अंतिम क्षणों में स्पेन के स्थानापन्न खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल दागकर टीम को जीत दिला दी।
इस जीत के साथ स्पेन ने न केवल अंतिम चार में जगह बनाई बल्कि फुटबॉल प्रशंसकों को एक बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल भी दे दिया है, जहां उसका सामना फ्रांस से होगा। फ्रांस ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मोरक्को को हराकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया था। अब दोनों यूरोपीय दिग्गज टीमें फाइनल में पहुंचने के लिए आमने-सामने होंगी। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बड़े और सबसे कठिन मुकाबलों में से एक साबित हो सकता है।
स्पेन की टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलित और आक्रामक फुटबॉल खेलती नजर आई है। युवा सितारे लामिन यामाल, अनुभवी मिडफील्डर रोड्री और अन्य खिलाड़ियों ने टीम को मजबूती प्रदान की है। बेल्जियम के खिलाफ भी स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। दूसरी ओर, बेल्जियम ने भी कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन अंतिम मिनटों में हुई छोटी सी चूक उसे भारी पड़ गई। गोलकीपर की एक गलती का फायदा उठाते हुए मेरिनो ने विजयी गोल कर दिया और बेल्जियम का विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।
स्पेन के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 2010 में विश्व कप जीतने के बाद टीम बहुत कम बार टूर्नामेंट के अंतिम चरण तक पहुंच सकी थी। अब स्पेन के पास एक बार फिर विश्व फुटबॉल के शिखर पर पहुंचने का सुनहरा अवसर है। टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने जीत के बाद आत्मविश्वास जताया है कि वे फ्रांस जैसी मजबूत टीम को भी चुनौती देने में सक्षम हैं।
आने वाला स्पेन और फ्रांस का सेमीफाइनल मुकाबला विश्वभर के फुटबॉल प्रेमियों की नजरों में रहेगा। एक ओर किलियन एम्बाप्पे की अगुवाई वाली फ्रांसीसी टीम होगी, तो दूसरी ओर युवा और ऊर्जावान स्पेनिश टीम। दोनों टीमों के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मुकाबला बेहद कांटे का रहने की उम्मीद है। जो टीम इस चुनौती को पार करेगी, वह विश्व कप 2026 के फाइनल में कदम रखेगी और खिताब से केवल एक जीत दूर रह जाएगी।
