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गौतम गंभीर के टेस्ट कोच के भविष्य पर संकट

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भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की भूमिका और भविष्य को लेकर बड़ी चर्चा खड़ी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अंदर खबरें हैं कि गंभीर की टेस्ट टीम के मुख्य कोच (Head Coach of Indian Test Team) के रूप में कुर्सी अब पहले जैसी सुरक्षित नहीं रही है और बोर्ड ने पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) से भी अनौपचारिक तौर पर पूछा है कि क्या वे इस भूमिका के लिए इच्छुक होंगे। यह खबर विशेष रूप से भारत की दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में 0-2 की शर्मनाक हार के बाद उभरी है, जिसने टीम के लंबे फॉर्मेट की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गंभीर को जुलाई 2024 में BCCI ने भारतीय टीम का हेड कोच नियुक्त किया था, और उनके नेतृत्व में टीम ने वनडे और टी20 में शानदार प्रदर्शन भी किया है, जैसे चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप में जीत। लेकिन यह सफलता लंबे रूप में टेस्ट क्रिकेट में नहीं दिखाई दी, जहाँ भारत ने कई महत्वपूर्ण सीरीज हारी हैं और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के 2025-27 चक्र में टीम की स्थिति संतोषजनक नहीं रही है।

बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार गंभीर का कॉन्ट्रैक्ट वर्ष 2027 ODI विश्व कप तक चलता है, लेकिन बोर्ड के कुछ अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उनके कोचिंग कार्य को फिर से आंका जा सकता है, खासकर अगर टीम आगामी टी20 विश्व कप 2026 में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाती। यह भी कहा जा रहा है कि बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारी ने लक्ष्मण से संपर्क साधा और देखा कि क्या वे टेस्ट टीम के प्रमुख कोच का पद संभालना चाहेंगे, हालांकि लक्ष्मण ने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में “हेड ऑफ क्रिकेट” की अपनी मौजूदा भूमिका को जारी रखने में रुचि जताई है।

गंभीर की कोचिंग में भारत ने दक्षिण अफ्रीका सीरीज के अलावा ऑस्ट्रेलिया में भी टेस्ट सीरीज हारी थी, जिससे टीम का विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में फाइनल जैसा लक्ष्य प्रभावित हुआ था। इस वजह से बोर्ड के कुछhalf प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन पर जोर दे रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या गंभीर टेस्ट टीम के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं या नहीं।

हालाँकि बीसीसीआई का आधिकारिक बयान यह है कि गंभीर फिलहाल अपनी भूमिका में बरकरार हैं और बोर्ड पूरी तरह से उनके कार्य का समर्थन करता है। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि गंभीर टीम को इस संक्रमण काल से निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि खिलाड़ी वर्ग के साथ तालमेल और नई रणनीति विकसित करने का काम भी जारी है।

विश्लेषकों का मानना है कि अगर भारत टी20 विश्व कप 2026 में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं करता, तो गंभीर की स्थिति पर और भी कड़ी समीक्षा हो सकती है, क्योंकि बोर्ड के अंदर “लगातार उपलब्ध परिणाम देना” को सबसे महत्वपूर्ण मापदंड माना जाता है। इसके अतिरिक्त, कुछ पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने भी सुझाव दिया है कि टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग रणनीति और एक्सपीरियंस की जरूरत हो सकती है, जिससे नए नामों पर विचार हो सके।

अब सवाल यह है कि गंभीर अपने पद को कब तक सुरक्षित रख पाएंगे और क्या लक्ष्मण जैसे अनुभवी दिग्गज के नाम पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा या नहीं। भारतीय क्रिकेट प्रेमी और विशेषज्ञ इस मामले पर गंभीर और बोर्ड की आगामी रणनीति पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह निर्णय भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित फॉर्मेट—टेस्ट क्रिकेट—के भविष्य को प्रभावित करेगा

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