उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर व्यापारियों को डराता और उनसे अवैध वसूली करता था। इस गैंग ने फर्जी छापेमारी (रेड) का नाटक रचकर कई दुकानदारों को निशाना बनाया और उन्हें भारी जुर्माने तथा कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ऐंठे। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का सरगना अभी फरार बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, यह गिरोह गाजीपुर के शादियाबाद और सैदपुर बाजारों में सक्रिय था, जहां पिछले कई दिनों से व्यापारी इनकी हरकतों से परेशान थे। आरोपी खुद को इनकम टैक्स या जीएसटी विभाग का अधिकारी बताकर दुकानों पर पहुंचते, कागजात की जांच के नाम पर छापेमारी करते और फिर कथित गड़बड़ियों का हवाला देकर व्यापारियों को धमकाते थे। इसके बाद मामला “रफा-दफा” करने के नाम पर 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की वसूली की जाती थी।
गिरोह की साजिश का खुलासा तब हुआ जब कुछ व्यापारियों को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जब आरोपी दोबारा नकली रेड डालने पहुंचे तो व्यापारियों ने सतर्कता दिखाते हुए तीन लोगों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में सामने आया कि इस गैंग में कई सदस्य शामिल थे और वे पूरी योजना के तहत अलग-अलग इलाकों में लोगों को निशाना बना रहे थे।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों के पास कोई वैध सरकारी पहचान पत्र या अधिकृत दस्तावेज नहीं थे, बल्कि वे नकली आईडी और सरकारी स्टिकर लगे वाहनों का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसा दिलाते थे। इस तरह वे आम लोगों और व्यापारियों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और फरार सरगना की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आ सकती हैं।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अपराधी अब ठगी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिससे आम जनता और व्यापारियों को सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध छापेमारी या अधिकारी की पहचान की तुरंत पुष्टि करें और शक होने पर तुरंत सूचना दें।
