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घने कोहरे ने बढ़ाया कहर: ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर 15 वाहन आपस में टकराए, यातायात घंटों बाधित

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उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सर्दियों के घने कोहरे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर अचानक दृश्यता बेहद कम हो जाने के कारण एक के बाद एक करीब 15 वाहन आपस में टकरा गए, जिससे एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा तड़के उस समय हुआ, जब कोहरा सबसे ज्यादा घना था और तेज रफ्तार वाहनों के लिए सामने का रास्ता देख पाना लगभग नामुमकिन हो गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले एक वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहे वाहन नियंत्रण खो बैठे और देखते ही देखते मल्टी-व्हीकल पाइलअप हो गया। हादसे में कार, ट्रक और अन्य भारी वाहन शामिल थे। टक्कर की आवाजें सुनकर आसपास मौजूद लोग सहम गए और कई वाहन चालकों को अपने वाहनों से बाहर निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सौभाग्य से इस दुर्घटना में किसी की जान जाने की सूचना नहीं है, हालांकि कई लोग हल्के से मध्यम रूप से घायल हुए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, लेकिन वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण एक्सप्रेसवे पर कई घंटों तक लंबा जाम लगा रहा। इससे दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि हादसे की मुख्य वजह घना कोहरा और तेज रफ्तार है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ वाहन चालकों ने फॉग लाइट का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया और सुरक्षित दूरी बनाए रखने में लापरवाही बरती। प्रशासन ने सर्दियों के मौसम में खासतौर पर एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को कम गति, फॉग लाइट के प्रयोग और आपसी दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है।

इस घटना के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे के मौसम में एक्सप्रेसवे पर रफ्तार नियंत्रण, चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। साथ ही ड्राइवरों को भी सतर्क रहने और जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।

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