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ग्रेटर नोएडा में 5 मौतों के मामले में नया मोड़, मृतक की दो बहनों और बहनोई पर FIR; प्रताड़ना के आरोपों की जांच

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ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस ने मृतक महेश की पत्नी ललिता के भाई आकाश की शिकायत के आधार पर महेश की दो बहनों और एक बहनोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में परिवार को कथित तौर पर प्रताड़ित करने और संपत्ति को लेकर विवाद होने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि कथित प्रताड़ना का पांचों मौतों से सीधा संबंध था।

यह घटना रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला पदम सिंह गांव की है, जहां महेश, उनकी पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के शव घर में मिले थे। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। शुरुआती जांच में मौतों को संदिग्ध माना गया और पुलिस ने मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू की। अब परिवार के भीतर चल रहे कथित विवाद और दर्ज हुई शिकायत ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।

मृतका ललिता के भाई आकाश की शिकायत के मुताबिक, महेश और ललिता को परिवार के कुछ सदस्यों की ओर से कथित रूप से लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि संपत्ति और मकान को लेकर भी विवाद चल रहा था। शिकायत में महेश की बहनों और एक बहनोई की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

मामले में एक और अहम जानकारी महेश के मोबाइल फोन से मिली कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग है। रिपोर्टों के अनुसार, इस रिकॉर्डिंग में महेश ने अपनी परेशानी के लिए कुछ परिजनों को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस अब इस ऑडियो की प्रामाणिकता और रिकॉर्डिंग के समय की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना जरूरी है कि रिकॉर्डिंग कब बनाई गई और उसमें कही गई बातों की पुष्टि अन्य सबूतों से होती है या नहीं।

परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर पहले से तनाव होने के दावे भी सामने आए हैं। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया है कि मकान और पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। हालांकि, ये फिलहाल शिकायतकर्ताओं और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप हैं। पुलिस को दस्तावेजों, बयान और अन्य सबूतों के आधार पर यह तय करना होगा कि विवाद की वास्तविक स्थिति क्या थी और उसका इस घटना से कोई संबंध था या नहीं।

घटना वाली रात परिवार के मेला देखकर लौटने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, घर लौटने के बाद परिवार के सदस्यों ने नूडल्स और चाय का सेवन किया था और फिर सोने चले गए। अगली सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोस के एक बच्चे ने अंदर जाकर देखा और परिवार के सदस्यों को अचेत अवस्था में पाया। इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना दी गई।

पांचों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है, लेकिन मौत की सटीक वजह स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया। शुरुआती रिपोर्टों में विषाक्त पदार्थ के सेवन की आशंका का जिक्र है, जबकि खाद्य पदार्थों से जुड़ी संभावना की भी पड़ताल की गई। किसी एक कारण की पुष्टि होने से पहले मौतों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य जांच के नतीजे इस मामले में अहम होंगे।

फिलहाल पुलिस पारिवारिक विवाद, कथित प्रताड़ना, मोबाइल में मिली रिकॉर्डिंग और मौतों की परिस्थितियों की अलग-अलग जांच कर रही है। तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होना आरोपों की जांच की शुरुआत है, दोष साबित होने का प्रमाण नहीं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजर फॉरेंसिक रिपोर्ट और जांच के आधिकारिक निष्कर्षों पर है, जिनसे इस दुखद घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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