हरियाणा के सिविल सचिवालय में 25 फरवरी 2026 को एक बेहद दुखद घटना हुई, जिसमें आरक्षण के अंदर काम करने वाले कर्मचारी गणेश दास अरोड़ा ने सचिवालय की छठी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी ज़िंदगी समाप्त कर ली। यह घटना सचिवालय भवन में मौजूद लोगों के बीच अचानक सामने आई, जिससे प्रशासन और कर्मचारियों में हलचल मच गई। अदालत और पुलिस ने मामले की पुख्ता जानकारी जुटाई है।
पुलिस और सचिवालय अधिकारियों के मुताबिक, गणेश दास अरोड़ा विभागी बदलाव (department change) से काफी परेशान और मानसिक रूप से विचलित थे। बताया जा रहा है कि उन्हें हाल ही में विभाग बदलने का निर्देश मिला था, जिसे स्वीकार करने में वे असमर्थ महसूस कर रहे थे। इसी तनाव और मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना के बाद सचिवालय प्रशासन और मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें नीचे गिरते देखा और अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। आसपास के लोग और अधिकारी इस घटना से भावनात्मक रूप से प्रभावित हैं।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि गणेश दास अरोड़ा पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुके थे और उनका मानसिक स्वास्थ्य पहले से ही कमजोर था। हालांकि यह जानकारी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मृतक के आस-पास के लोग और सहकर्मियों की टिप्पणियों में मानसिक परेशानी की बात सामने आई है।
घटना के बाद सचिवालय प्रशासन ने कर्मचारियों में मानसिक स्वास्थ्य समर्थन और सलाह सेवाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। संबंधित अधिकारी भी इस मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं और आवश्यक रिपोर्ट बनाकर आगे की कार्रवाई करेंगे।
यह दुखद घटना कार्यस्थल पर मानसिक दबाव, बदलावों और मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को उजागर करती है।
