झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़े आंदोलनों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। मामले में बोकारो से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।
रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में बोकारो जिले के रहने वाले विश्वजीत कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ प्रदर्शनकारियों को भड़काने और मुख्यमंत्री को धमकी देने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला उस समय सामने आया जब रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि गिरफ्तार युवक ने प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विश्वजीत कुमार बोकारो जिले का रहने वाला है। रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज होने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यह भी देखा जा रहा है कि कथित धमकी किन परिस्थितियों में दी गई तथा आरोपी की भूमिका क्या थी।
यह पूरा मामला झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची में आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं की जांच, कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्रों ने सरकार से सीधे बातचीत की मांग भी की है।
10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। इसके बाद इस मामले में कुल 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिनमें 100 लोगों को नामजद किया गया, जबकि अन्य अज्ञात लोगों को भी मामले में शामिल किया गया।
छात्र आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारियों से संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को सुनने और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करने के पक्ष में है। बाद में सरकार ने 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने का भी ऐलान किया और अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच का आश्वासन दिया।
इस बीच मुख्यमंत्री को कथित जान से मारने की धमकी देने का मामला आंदोलन से अलग एक गंभीर आपराधिक पहलू के रूप में सामने आया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने कथित तौर पर धमकी केवल व्यक्तिगत रूप से दी थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति अथवा समूह की भूमिका थी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में JPSC और JSSC को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब केवल अभ्यर्थियों की मांगों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसके राजनीतिक और कानूनी प्रभाव भी दिखाई देने लगे हैं। एक ओर भर्ती परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध जारी है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, FIR और अब मुख्यमंत्री को कथित धमकी देने जैसे मामलों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों की मांगों का समाधान निकालने की चुनौती बनी हुई है।
फिलहाल, बोकारो के युवक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में कथित धमकी से जुड़े और कौन से तथ्य सामने आते हैं। दूसरी तरफ JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की मांगों और सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई पर भी झारखंड की राजनीति और लाखों युवाओं की नजर बनी हुई है।
