अमेरिका के रिपब्लिकन सांसद रिच मैककॉर्मिक ने भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक और रणनीतिक महत्व के संदर्भ में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल अमेरिका से निवेश प्राप्त करता है, बल्कि भारत खुद भी अमेरिका में भारी निवेश करता है, वहीं पाकिस्तान ऐसा कोई बड़ा निवेश नहीं करता।
मैककॉर्मिक ने यह टिप्पणी वॉशिंगटन स्थित सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक और इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के एक कार्यक्रम में की। उनके मुताबिक भारत अमेरिका के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साझेदार है, ऐसा नजरअंदाज करना अमेरिका के लिए “भारी पड़ सकता है”।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत से प्रतिभा भी अमेरिका को मिलती है, न सिर्फ प्रतिभाशाली लोग भेजता है, बल्कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भारतीयों की अहम भूमिका होती है।
कार्यक्रम में मौजूद भारतीय मूल की सांसद अमी बेरा ने भी इस बात का समर्थन किया और कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ किसी तरह की रणनीतिक साझेदारी नहीं बना रहा, जबकि अमेरिकी कंपनियों द्वारा पाकिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश नहीं होने की बात कही।
हाल के महीनों में भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव देखा गया है, जिसमें अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। मैककॉर्मिक ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका को भारत का रूसी तेल खरीदना पसंद नहीं है, लेकिन उन्होंने भारत के “किफायती विकल्प” के कारण इसे समझने की बात कही।
