श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत-ए ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए मेजबान श्रीलंका-ए को 8 रन से हरा दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह श्रीलंका-ए की पकड़ में है, लेकिन अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की और जीत भारत की झोली में डाल दी। इस रोमांचक मुकाबले के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज अरशद खान रहे, जिन्होंने दबाव भरे अंतिम ओवर में दो विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह जल्दी पवेलियन लौट गए, जिससे टीम शुरुआती झटकों से उबरने के लिए संघर्ष करती नजर आई। हालांकि इसके बाद रुतुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार शतकीय पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
रुतुराज गायकवाड़ ने 114 गेंदों पर 101 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। कप्तान तिलक वर्मा ने भी उनका भरपूर साथ दिया और दोनों बल्लेबाजों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने भारत-ए की पारी को संभाल लिया। इस साझेदारी की बदौलत भारतीय टीम शुरुआती संकट से बाहर निकलने में सफल रही।
मध्यक्रम के योगदान के बाद भारत-ए ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। जिस तरह शुरुआत हुई थी, उसे देखते हुए यह स्कोर काफी मजबूत माना जा रहा था। श्रीलंका-ए के गेंदबाजों ने शुरुआती सफलता जरूर हासिल की, लेकिन गायकवाड़ और तिलक वर्मा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
278 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए ने शानदार शुरुआत की। सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए तेज रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। एक समय मेजबान टीम जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही थी। नीरोशन डिकवेला और अन्य बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को चुनौती दी और रन गति को बनाए रखा।
इसके बाद श्रीलंका-ए के कप्तान सहान अराच्चिगे ने 74 रन की शानदार पारी खेलकर मैच को लगभग अपनी टीम के पक्ष में कर दिया। जब श्रीलंका को अंतिम ओवरों में केवल कुछ रन चाहिए थे और हाथ में विकेट भी मौजूद थे, तब भारतीय टीम पर हार का खतरा मंडराने लगा था। लेकिन यहीं से मुकाबले ने नाटकीय मोड़ लिया।
भारतीय गेंदबाजों ने दबाव की स्थिति में शानदार संयम दिखाया। अंतिम दो ओवरों में विकेटों की झड़ी लग गई और श्रीलंका-ए का निचला क्रम दबाव नहीं झेल पाया। खास तौर पर अरशद खान ने अंतिम ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर मेजबान टीम की उम्मीदों को तोड़ दिया। उनकी सटीक यॉर्कर और नियंत्रित गेंदबाजी ने भारतीय टीम को अविश्वसनीय जीत दिला दी।
श्रीलंका-ए की पूरी टीम 48.5 ओवर में 269 रन पर सिमट गई और भारत-ए ने 8 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। अंतिम क्षणों तक चले इस संघर्ष ने दर्शकों को सीट से उठने नहीं दिया। मैच में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अंत में भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
इस जीत के साथ भारत-ए ने त्रिकोणीय सीरीज में शानदार शुरुआत की है। टीम प्रबंधन के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात यह रही कि युवा खिलाड़ियों ने दबाव की परिस्थितियों में खुद को साबित किया। रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी जैसी परिपक्व बल्लेबाजी और अरशद खान की मैच जिताऊ गेंदबाजी ने संकेत दिया है कि भारत के पास भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मजबूत फौज तैयार है।
अब भारत-ए की नजर अगले मुकाबले पर होगी, जहां टीम इसी लय को बरकरार रखते हुए फाइनल की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाना चाहेगी। इस जीत ने न केवल टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि चयनकर्ताओं को भी युवा खिलाड़ियों की क्षमता का एक और शानदार नमूना दिखाया है।
