मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को इजरायल ने ईरान के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद तेहरान, इस्फहान, तबरीज और अन्य शहरों में धमाकों की खबरें सामने आईं। इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में की गई है।
इससे पहले ईरान ने अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद पहली बार सीधे इजरायल पर मिसाइल हमले किए थे। इजरायल का कहना है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया। ईरान की इस कार्रवाई को बेरूत में इजरायली हमलों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
हमलों के बाद तेहरान में कई जोरदार विस्फोट सुनाई दिए। ईरानी मीडिया के अनुसार, राजधानी तेहरान के अलावा इस्फहान और तबरीज में भी धमाके हुए। हालात को देखते हुए ईरान ने तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से जवाबी कार्रवाई टालने को कहा था, लेकिन इसके बावजूद इजरायल ने सैन्य कार्रवाई की।
क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ोसी देशों पर भी दिखाई दे रहा है। सऊदी अरब में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि इराक और सीरिया ने भी अपने हवाई क्षेत्र पर निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहा तो पूरा मध्य पूर्व एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।
