
इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह युद्ध “लोगों की उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी खत्म हो सकता है।” उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि जमीनी हालात अभी भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
नेतन्याहू का दावा है कि इजराइल इस युद्ध में बढ़त बना चुका है और ईरान की सैन्य तथा परमाणु क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ईरान अब पहले की तरह यूरेनियम समृद्ध करने या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की स्थिति में नहीं है, जिससे युद्ध के जल्द खत्म होने की संभावना बढ़ती दिख रही है।
हालांकि, दूसरी तरफ जमीनी स्थिति अभी भी बेहद गंभीर है। ईरान लगातार इजराइल और खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ गई है। इस संघर्ष का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है—तेल और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
इस बीच, अमेरिका भी इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, हालांकि उसने अभी तक जमीनी सैनिक भेजने से इनकार किया है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय—जैसे यूरोप और संयुक्त राष्ट्र—लगातार तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही नेतन्याहू युद्ध के जल्द खत्म होने की बात कर रहे हों, लेकिन मौजूदा हालात और लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए यह संघर्ष लंबा भी खिंच सकता है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस युद्ध को रोक पाएंगे या स्थिति और ज्यादा बिगड़ेगी।



