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जयपुर हत्याकांड में नया मोड़, मामा का दावा- चचेरे भाई के प्रभाव में थी आयुषी, जांच में सामने आए नए सवाल

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में अपनी ही मां की हत्या की कथित साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार आयुषी शर्मा से जुड़े मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस सनसनीखेज हत्याकांड ने एक नया मोड़ ले लिया है। आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने दावा किया है कि उनकी भांजी अपने चचेरे भाई बलराम के प्रभाव में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बलराम ने या तो आयुषी को प्रेमजाल में फंसाया था या फिर किसी तरह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। मामा ने पुलिस से फरार चल रहे बलराम को जल्द गिरफ्तार कर पूरे मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है। हालांकि, ये आरोप फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए दावे हैं और पुलिस इनकी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

पुलिस जांच के अनुसार, इस मामले में आयुषी शर्मा पर आरोप है कि उसने अपनी मां नीरजा शर्मा की हत्या कराने के लिए सुपारी दी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि अनुकंपा नियुक्ति के तहत मिलने वाली सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति इस कथित साजिश का प्रमुख कारण हो सकती है। आरोप है कि हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है।

मामले में नया मोड़ तब आया जब आयुषी के मामा ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में उसके पिता विजय शर्मा की मौत भी सामान्य नहीं थी। उनका कहना है कि उस घटना की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए क्योंकि उन्हें संदेह है कि उस मामले में भी कोई साजिश हो सकती है। दूसरी ओर, पुलिस हिरासत में आयुषी ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि पिता की मौत से जुड़े सभी तथ्यों की भी जांच की जाएगी और यदि कोई नया साक्ष्य मिलता है तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पूछताछ के दौरान आयुषी ने पुलिस के सामने अपनी मां के साथ संबंधों को लेकर कई दावे किए हैं। उसने कथित तौर पर कहा कि उसके और उसकी मां के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। उसने कुछ वीडियो भी जांच एजेंसियों को दिखाए हैं, जिनके आधार पर उसने अपने आरोपों को सही ठहराने की कोशिश की है। हालांकि, पुलिस स्पष्ट कर चुकी है कि किसी भी आरोपी द्वारा किए गए दावों की पुष्टि केवल जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी। इसलिए अभी किसी भी पक्ष के आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

जांच में यह भी सामने आया है कि पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति को लेकर परिवार के भीतर मतभेद बढ़ गए थे। बताया जा रहा है कि आयुषी स्वयं नौकरी चाहती थी, जबकि बाद में उसकी मां नीरजा शर्मा को यह नियुक्ति मिल गई। इसके बाद परिवार में तनाव बढ़ता चला गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या संपत्ति और नौकरी का विवाद ही हत्या की कथित साजिश की सबसे बड़ी वजह था या इसके पीछे अन्य कारण भी मौजूद थे।

पुलिस अब इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में लगी है। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन तथा सभी संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आने वाले हर नए दावे की निष्पक्ष जांच की जाएगी और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर ही किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला राजस्थान के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो चुका है और जांच पूरी होने तक कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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