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कानपुर किडनी रैकेट: फरार डॉक्टर अफजल का वीडियो वायरल, करोड़ों के अवैध ट्रांसप्लांट का खुलासा

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस मामले में अब एक नया मोड़ तब आया, जब इस गिरोह से जुड़े फरार आरोपी डॉक्टर अफजल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वह नोटों की गड्डियों के बीच लेटा नजर आ रहा है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार में कितनी बड़ी रकम शामिल थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसके सामने आने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।

जांच में सामने आया है कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जो कई राज्यों और शहरों तक फैला हुआ था। इस रैकेट में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, ब्रोकर और यहां तक कि एंबुलेंस ड्राइवर तक शामिल थे, जो खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को फंसाते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर किडनी बेचने के लिए तैयार किया और फिर उसी किडनी को अमीर मरीजों को कई गुना कीमत पर बेच दिया जाता था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस रैकेट में कई फर्जी डॉक्टर भी शामिल थे। एक मामले में तो ऑपरेशन थिएटर (OT) तकनीशियन ने खुद को डॉक्टर बताकर दर्जनों किडनी ट्रांसप्लांट कर डाले। अनुमान है कि इस गिरोह ने 40 से 50 तक अवैध ट्रांसप्लांट किए, जिनमें कई मामलों में मरीजों की जान भी खतरे में पड़ी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम के जरिए चलता था, जहां डोनर और रिसीवर को जोड़ा जाता था। एक छात्र को 10 लाख रुपये देने का लालच देकर किडनी दिलवाई गई, लेकिन उसे तय रकम से कम पैसे मिले। इसी विवाद ने पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि डॉक्टर अफजल समेत कई मुख्य आरोपी फरार हैं। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और विभिन्न शहरों में छापेमारी की जा रही है। इस मामले में कई अस्पतालों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनके लाइसेंस रद्द या निलंबित किए जा रहे हैं।

यह पूरा मामला न सिर्फ चिकित्सा व्यवस्था में बड़ी खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर इस अवैध कारोबार का शिकार बनाया जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।

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