कर्नाटक के तुमकुरु जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सामाजिक कल्याण विभाग के एक सरकारी अधिकारी ने अपनी सेवानिवृत्ति से महज एक सप्ताह पहले कार्यालय में ही आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मल्लिकार्जुन के रूप में हुई है, जो सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत थे और पिछले तीन वर्षों से इस विभाग में सेवाएं दे रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आत्महत्या से पहले मल्लिकार्जुन ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह वीडियो अपने सहकर्मियों को भी भेजा था। वीडियो में उन्होंने कहा कि लगातार हो रही प्रताड़ना के कारण वे मानसिक रूप से टूट चुके थे और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना पवगड़ा क्षेत्र के कार्यालय में हुई, जहां उन्होंने अपने जीवन का अंत कर लिया। मल्लिकार्जुन ने अपने अंतिम संदेश में अपने परिवार—मां, पत्नी और बच्चों—का जिक्र करते हुए भावुक बातें भी कहीं और यह भी कहा कि उनके परिवार को किसी से बदला लेने की जरूरत नहीं है।
इस मामले में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है कि मल्लिकार्जुन को यह सरकारी नौकरी उनके पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर मिली थी, और उनके पिता की भी मृत्यु रिटायरमेंट से पहले ही हो गई थी।
घटना के बाद पवगड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सरकारी तंत्र में कार्यरत कर्मचारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को एक बार फिर उजागर करती है।
