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कर्नाटक के बल्लारी में हिंसा के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन

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बेंगलुरु/बल्लारी: कर्नाटक के बल्लारी जिले में बैनर लगाने को लेकर हुई राजनीतिक झड़प और हिंसा ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस गंभीर मामले के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तुरंत बल्लारी के पुलिस अधीक्षक (SP) पवन नेज्जूर को निलंबित (suspended) कर दिया है और मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई हिंसक झड़प के एक दिन बाद की गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और कई गंभीर सुरक्षा चिन्ताएँ उभरीं।

घटना बैनर लगाने को लेकर शुरू हुई थी। बताया जाता है कि भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी के आवास के सामने एक कार्यक्रम के लिए बैनर लगाना विवाद का कारण बना, जिसमें कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी के समर्थक भी शामिल थे। दोनों गुटों के बीच बहस जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई और पत्थरबाजी तथा गोलीबारी तक पहुंच गयी। इसके परिणामस्वरूप एक राजशेखर नामक व्यक्ति की मौत हो गयी, जबकि अन्य लोग भी घायल हुए।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने SP को निलंबित किया क्योंकि वह मौके पर मौजूद नहीं थे और स्थिति को नियंत्रित करने में अपेक्षित भूमिका नहीं निभा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि गोली किसकी ओर से चली और क्या यह दुर्घटना थी या किसी की साजिश।

सुरक्षा बलों ने अब मामले में चार FIR दर्ज की हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, SC/ST एक्ट का उल्लंघन और अन्य संबंधित आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस ने जिले की सुरक्षा को मजबूत करते हुए अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।

पुलिस के मुताबिक झड़प के दौरान बैनर विवाद के अलावा पत्थरबाजी और आग्नेय हथियारों के उपयोग की जानकारी भी सामने आई है, जिसके चलते पुलिस ने जमीनी सबूत इकट्ठे करने के साथ ही फोरेंसिक जांच भी शुरू कर दी है। विभिन्न गुटों के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि रात के समय लोगों ने वीडियो में गोली चलने और भीड़ को भागते-दौड़ते देखा।

इस घटना के राजनीतिक मायने भी सामने आए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने इस हिंसा को कांग्रेस समर्थित तत्वों की पूर्व योजनाबद्ध साजिश का परिणाम बताया है और सरकार की सुरक्षा नीतियों पर तीखा हमला किया है। वहीं विपक्ष ने भी सरकार से कूटनीतिक निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग उठाई है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बार-बार कहा है कि हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार्य नहीं है और सभी पक्षों को शांति बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अब पूरी घटना की पूरी जांच प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों के सहयोग से की जाएगी ताकि सच सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना के बाद बल्लारी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। हालांकि गृह मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही हिंसा के सभी पक्षों की गहन जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएगी।

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