पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हाल ही में सामने आए घटनाक्रम में बिहार पुलिस ने खान सर के कोचिंग सेंटर पर नोटिस चस्पा कर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संस्थान के तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी बताई जा रही है जिसमें प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। प्रिंस यादव का नाम पहले से ही खान सर कोचिंग सेंटर से जुड़े विवाद और हिंसा के मामले में सामने आ चुका था।
दरअसल, 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हिंसा, पथराव और कथित फायरिंग की घटना सामने आई थी। इस घटना ने पूरे बिहार के कोचिंग जगत को सुर्खियों में ला दिया था। खान सर ने उस समय आरोप लगाया था कि उनके संस्थान को निशाना बनाया गया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के बाद सुरक्षा गार्डों की भूमिका, हथियारों के इस्तेमाल और प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों के बीच कथित प्रतिस्पर्धा को लेकर भी कई सवाल उठे थे।
इसी मामले में नामजद आरोपियों में शामिल प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिंस यादव, ज्ञान बिंदु अकादमी के संचालक रोशन आनंद के भाई बताए जाते हैं। उनकी मौत के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उनकी मौत का कोचिंग सेंटर विवाद या पहले दर्ज मामलों से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की पुष्टि नहीं की है और जांच को कई कोणों से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने खान सर के संस्थान से जुड़े कुछ कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका की भी समीक्षा शुरू की है। इसी क्रम में तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इन्हीं लोगों से मिल सकती है। नोटिस चस्पा किए जाने का उद्देश्य भी जांच प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाना और संबंधित व्यक्तियों की उपस्थिति सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
इस बीच खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, को हाल ही में अदालत से बड़ी राहत मिली थी। पटना की एक अदालत ने कोचिंग सेंटर से जुड़े फायरिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अदालत ने जांच जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन फिलहाल उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और छात्रों ने राहत जताई थी, जबकि मामले की जांच पहले की तरह जारी है।
राज्यभर में चर्चित बन चुके इस मामले पर अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं। प्रिंस यादव की मौत, कोचिंग सेंटर विवाद, कथित फायरिंग और प्रतिद्वंद्वी संस्थानों के बीच तनाव जैसे कई पहलू इस केस को और जटिल बना रहे हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और फोरेंसिक जांच के आधार पर कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल बिहार पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
