
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच LPG संकट की अफवाहों पर सरकार का बड़ा बयान
पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल और अमेरिका से जुड़े तनाव के बीच भारत में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि देश में किसी भी प्रकार की ईंधन की कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है और आने वाले कई महीनों तक आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहने की पूरी व्यवस्था की गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैल रही कमी की खबरें भ्रामक और गलत हैं, जिनका उद्देश्य लोगों में घबराहट फैलाना है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की पैनिक बाइंग से बचें। अधिकारियों के मुताबिक देशभर के पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है।
हालांकि वैश्विक स्तर पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
इसी बीच सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती का भी फैसला लिया है, ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके और महंगाई पर काबू रखा जा सके। इसके साथ ही घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए ईंधन के निर्यात पर टैक्स लगाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं, जिससे देश के भीतर पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है और रिफाइनरियों को अधिक से अधिक गैस उत्पादन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आयात की भी व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की कमी न हो।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में घबराहट के चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और अस्थायी दिक्कतें देखने को मिली हैं, लेकिन सरकार ने इसे वास्तविक कमी नहीं बल्कि अफवाहों का परिणाम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी ऐसी स्थिति बनी, वहां तुरंत आपूर्ति बढ़ाकर हालात सामान्य कर दिए गए।
कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के मुताबिक तुरंत फैसले लेकर देश में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है।


