उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कथित धर्मांतरण से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक घर में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी और वहां आने वाले लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सभा में शामिल कुछ लोगों को आर्थिक और अन्य सुविधाओं का लालच दिया जा रहा था। आरोपों के अनुसार, कुछ लोगों को 2 बकरियां देने, पानी की टंकी उपलब्ध कराने तथा अन्य सहायता का आश्वासन देकर प्रभावित करने की कोशिश की गई। इन दावों के आधार पर स्थानीय स्तर पर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण से जुड़े मामलों की जांच राज्य के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत की जाती है। कानून में बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या अनुचित प्रभाव के जरिए धर्म परिवर्तन कराने पर सख्त प्रावधान हैं। इसी कारण पुलिस इस मामले में आरोपों और तथ्यों की विस्तार से जांच कर रही है।
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और पुलिस की पड़ताल पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।
