Site icon Prsd News

मूंग खरीदी को लेकर भोपाल में किसानों का बड़ा आंदोलन, 100% MSP खरीद की मांग पर सरकार पर बढ़ा दबाव

images 1 28

मध्य प्रदेश में मूंग की फसल की सरकारी खरीद को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। नर्मदापुरम से पैदल मार्च करते हुए हजारों किसान राजधानी भोपाल पहुंच चुके हैं और उन्होंने सावरकर सेतु के पास डेरा डाल दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में किसानों की मुख्य मांग है कि राज्य में उत्पादित पूरी मूंग की फसल की 100 प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाए। किसानों का कहना है कि मौजूदा खरीद लक्ष्य पर्याप्त नहीं है, जिससे बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज MSP पर बेचने से वंचित रह जाएंगे।

आंदोलन में शामिल किसान अपने साथ अनाज की बोरियां, राशन, बिस्तर और खाना बनाने का सामान लेकर भोपाल पहुंचे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक वे राजधानी छोड़कर वापस नहीं जाएंगे। किसानों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने की भी चेतावनी दी है। राजधानी में प्रवेश के दौरान कई स्थानों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। इसके चलते भोपाल के प्रमुख मार्गों पर लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा और लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा।

किसानों के बढ़ते आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने भी केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। राज्य के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। पत्र में बताया गया है कि इस वर्ष राज्य में मूंग का उत्पादन अनुमान से कहीं अधिक हुआ है। 14 मई से 3 जुलाई 2026 के बीच लगभग 8.06 लाख मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया, जबकि फिलहाल केवल 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि यदि खरीद सीमा नहीं बढ़ाई गई तो बड़ी संख्या में किसान MSP का लाभ नहीं उठा पाएंगे।

सरकार का कहना है कि अब तक लगभग 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद की जा चुकी है और मौजूदा गति को देखते हुए निर्धारित लक्ष्य जल्द पूरा हो सकता है। इसी कारण राज्य सरकार ने केंद्र से खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर लगभग 8 लाख मीट्रिक टन करने की मांग की है। कृषि मंत्री का यह भी कहना है कि मध्य प्रदेश देश के कुल मूंग उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा देता है, इसलिए किसानों के हितों को देखते हुए विशेष निर्णय लिया जाना चाहिए।

किसानों की मांग केवल 100 प्रतिशत MSP खरीद तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारी ई-टोकन व्यवस्था में बदलाव, खाद की समय पर उपलब्धता और वितरण प्रणाली में सुधार की भी मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण कई किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल रहे हैं और गुणवत्ता संबंधी नियमों के चलते भी बड़ी मात्रा में उपज खरीद से बाहर हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

इस बीच सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई है। कृषि मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से देख रही है और केंद्र सरकार के साथ मिलकर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि किसान संगठनों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि लिखित निर्णय और खरीद लक्ष्य बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा चाहिए। जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Exit mobile version