
महाराष्ट्र में रविवार, 21 दिसंबर 2025 को महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं, जहाँ मतगणना सुबह 10 बजे से शुरू हो चुकी है। इस बार 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों सहित कुल 288 निकायों के चुनाव परिणामों पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं। पिछले महीने इन निकायों के लिए मतदान सम्पन्न हुआ था, लेकिन कुछ स्थानों पर मतदान स्थगित रहने के कारण मतगणना का यह दिन तय किया गया था।
चल रहे परिणामों के शुरुआती रुझानों के मुताबिक भाजपा-शिवसेना (महायुति) गठबंधन ने बाज़ी अपने पक्ष में कर ली है। महायुति गठबंधन कई नगर परिषदों में भारी बढ़त बनाये हुए है और अब तक 200 से अधिक सीटों पर बढ़त देखी जा रही है, जबकि विपक्षी गठबंधन महाआघाडी (MVA) के खाते में अपेक्षाकृत कम सीटें आती दिख रही हैं।
विशेष रूप से सावंतवाड़ी, ससवाड़ और पिंपळनेर जैसे नगर परिषदों में भाजपा के उम्मीदवारों ने निर्णायक जीत दर्ज करते हुए पार्टी के मजबूत स्थानीय आधार को दर्शाया है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में अन्य पार्टियों के प्रत्याशियों ने भी मुस्तैद प्रदर्शन किया है, लेकिन व्यापक स्तर पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन की पकड़ अधिक मजबूत नज़र आ रही है।
राज्य भर में मतगणना के दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, खासकर महायुति समर्थकों के बीच जहां जीत का जश्न नजर आ रहा है। चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति पर आगामी दिनों में असर डाल सकते हैं क्योंकि स्थानीय निकाय चुनाव का परिणाम बड़ी पार्टियों के लिए भविष्य के रणनीतिक फैसलों का मार्गदर्शक बन सकता है।
मतदान के दौरान पिछले हफ्ते शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया गया था, और इस मतगणना को भी सुव्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने के लिए निर्वाचन अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थागत इंतज़ाम किये हैं। इस चुनाव में जनता ने भी अच्छी भागीदारी दिखाई, जिससे यह स्थानीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मजबूत बनी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि महायुति गठबंधन अपने इस बढ़त को बनाए रखता है, तो यह 2025-26 के मध्य महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा संकेत साबित हो सकता है। वहीं, विपक्षी महाआघाडी को इस मुकाबले से कुछ सबक लेकर आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे राज्य की सियासत में एक नई लहर लेकर आए हैं, जिसमें महायुति की मजबूत उपस्थिति और भाजपा-शिवसेना गठबंधन की जमीनी पकड़ साफ दिखाई दे रही है।



