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मणिपुर में बड़ा ऑपरेशन: BSF जवान की शहादत के बाद सुरक्षा बलों का एक्शन, 21 बंकर ध्वस्त और 13 IED बरामद

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। BSF के एक जवान की मौत के बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाते हुए 21 अवैध बंकरों को ध्वस्त कर दिया और 13 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए। यह कार्रवाई राज्य के उखरुल और तेंगनौपाल जिलों में की गई, जहां पिछले कुछ समय से लगातार हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, उखरुल जिले के सिकिबुंग और मोंगकोट चेपू गांवों में ये बंकर सशस्त्र उपद्रवियों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए थे। सुरक्षा बलों ने शनिवार को विशेष अभियान चलाकर 14 बंकर सिकिबुंग में और 7 बंकर मोंगकोट चेपू में नष्ट कर दिए। इस ऑपरेशन में सेना, BSF, CRPF और मणिपुर पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

इसके साथ ही तेंगनौपाल जिले के मोरेह इलाके में एक अलग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की। यहां से 13 IED, पिस्टल, मैगजीन और अन्य सैन्य उपकरण बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी थी।

यह पूरा ऑपरेशन उस घटना के बाद शुरू किया गया, जिसमें एक BSF जवान की गोली लगने से मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि जवान को अज्ञात दिशा से चली गोली लगी थी, जब वह ड्यूटी पर तैनात था। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया, जिसके बाद तुरंत बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया।

मणिपुर पिछले कुछ वर्षों से जातीय हिंसा और उग्रवाद की समस्या से जूझ रहा है। 2023 से जारी संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। ऐसे में सुरक्षा बल लगातार इलाके में शांति बहाल करने और उग्रवादियों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान चला रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बंकर और IED नेटवर्क क्षेत्र में हिंसा को बढ़ावा देते हैं और आम नागरिकों के लिए भी बड़ा खतरा बनते हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई आने वाले समय में हालात को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

कुल मिलाकर, BSF जवान की शहादत के बाद की गई यह बड़ी कार्रवाई मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि, जब तक क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं होती, ऐसे अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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