उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे 27 और 28 अक्टूबर 2026 को सामने आने लगे। 23 अक्टूबर को मतदान के बाद मंगलवार को मतगणना शुरू हुई। इन चुनावों में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच मुकाबला चर्चा में रहा, जबकि बिहार में NDA, विपक्ष और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर नजर रही। कई सीटों पर परिणाम घोषित हो चुके हैं, जबकि कुछ जगहों पर मतगणना और अंतिम औपचारिकताओं की प्रक्रिया जारी थी।
उत्तर प्रदेश में वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और निवर्तमान MLC लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। उपलब्ध मतगणना आंकड़ों के मुताबिक, उन्हें पहली वरीयता के 10,958 वोट मिले, जबकि BJP के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 वोट मिले। इस तरह लाल बिहारी यादव ने 4,898 मतों की बढ़त के साथ जीत हासिल की। वाराणसी की यह सीट राज्य के चुनावी नतीजों में विपक्ष के लिए अहम रही।
उत्तर प्रदेश की अन्य सीटों पर BJP ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्रीचंद शर्मा ने जीत दर्ज की, जबकि मेरठ स्नातक सीट पर दिनेश गोयल विजयी रहे। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से BJP के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने समाजवादी पार्टी के हाजी दानिश अख्तर को 17,676 वोटों से हराया। वहीं, लखनऊ शिक्षक सीट पर BJP के उमेश द्विवेदी शुरुआती मतगणना में सपा के सुशील कुमार से आगे चल रहे थे। आगरा स्नातक सीट पर भी मतगणना के शुरुआती दौर में दोनों दलों के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिला।
बिहार में आठ विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना के दौरान कई सीटों पर दिलचस्प मुकाबला सामने आया। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से BJP के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि दरभंगा स्नातक सीट पर BJP के सर्वेश कुमार ने 237 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। सारण शिक्षक सीट पर BJP से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे राहुल राज ने भी जीत दर्ज की। इन परिणामों ने बिहार में NDA के उम्मीदवारों के साथ-साथ स्वतंत्र प्रत्याशियों के प्रदर्शन को भी चर्चा में ला दिया।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नीरज कुमार बढ़त बनाए हुए थे। इस सीट पर जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह पीछे चल रहे थे। कोसी स्नातक सीट पर BJP के एनके यादव और दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय तथा कांग्रेस के मदन मोहन झा के बीच मुकाबले पर नजर बनी हुई थी। हालांकि, शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत नहीं माना जा सकता और इन सीटों पर आधिकारिक नतीजों की पुष्टि जरूरी है।
कर्नाटक में विधान परिषद की चार सीटों पर मुकाबला हुआ। यहां बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल (सेक्युलर) यानी JDS ने कांग्रेस से सीट छीन ली। वहीं, दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में BJP उम्मीदवार आगे चल रहे थे। इन चुनावों में कांग्रेस और BJP-JDS गठबंधन के बीच मुकाबला राज्य की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों पर मतगणना के शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन तीन सीटों पर आगे था, जबकि विपक्षी महा विकास आघाड़ी दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। चुनाव में पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर की स्नातक सीटों के साथ पुणे और अमरावती की शिक्षक सीटें शामिल थीं। नागपुर स्नातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बाद के रुझानों में BJP के सुधाकर कोहले पर बढ़त बनाई, जबकि अन्य सीटों पर भी मुकाबला जारी था।
मतगणना के दौरान उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने कुछ केंद्रों पर गिनती की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा और लखनऊ में कथित अनियमितताओं तथा मतगणना में देरी को लेकर आपत्ति जताई और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों को अंतिम तथ्य से अलग समझना जरूरी है।
कुल मिलाकर, 28 MLC सीटों के इन चुनावों में उत्तर प्रदेश में BJP और सपा के बीच मुकाबला, बिहार में NDA तथा विपक्षी दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की चुनौती, कर्नाटक में JDS की जीत और महाराष्ट्र में गठबंधनों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रमुख घटनाक्रम रहे। ये चुनाव शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के जरिए हुए हैं, इसलिए इनके मतदाता सामान्य विधानसभा चुनावों के मतदाताओं से अलग होते हैं। कुछ सीटों के परिणाम घोषित हो चुके थे, जबकि अन्य जगहों पर 28 अक्टूबर की सुबह तक मतगणना जारी थी।
