
महाकुंभ मेले से चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले का मामला अब एक गंभीर कानूनी विवाद में बदल गया है। जो कहानी कभी सोशल मीडिया पर एक “प्रेम कहानी” के रूप में वायरल हुई थी, अब उसी में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। जांच में सामने आया है कि मोनालिसा शादी के समय नाबालिग थीं, जिसके बाद उनके पति फरमान खान के खिलाफ POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
मोनालिसा भोसले वही युवती हैं, जो महाकुंभ मेले में रुद्राक्ष बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं और देखते ही देखते इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके भी मिलने लगे। इसी दौरान उनकी मुलाकात फरमान खान से हुई और दोनों के बीच करीब छह महीने तक संबंध रहा, जिसके बाद उन्होंने मंदिर में शादी कर ली थी।
हालांकि, इस शादी के बाद विवाद तब खड़ा हुआ जब उनकी उम्र को लेकर सवाल उठने लगे। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में खुलासा हुआ कि मोनालिसा कानूनी रूप से नाबालिग थीं और शादी के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फरमान खान के खिलाफ POCSO सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में नाबालिग लड़की की शादी को वैध नहीं माना जाता और ऐसे मामलों में POCSO एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। भले ही संबंध सहमति से क्यों न हो, लेकिन यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है तो यह कानूनन अपराध माना जाता है।
इस पूरे मामले ने समाज में कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले मामलों की सच्चाई की सही जांच होती है? क्या प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों की जांच में लापरवाही हुई? और सबसे अहम, क्या नाबालिगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का सही तरीके से पालन हो रहा है?
फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। वहीं, यह मामला अब केवल एक निजी विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह बाल विवाह, कानून व्यवस्था और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे बड़े मुद्दों से जुड़ गया है।



