उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने 3 युवकों को गिरफ्तार किया है जिन पर लगभग ₹85 करोड़ के साइबर फ्रॉड का आरोप है। यह मामला स्थानीय साइबर अपराधी गिरोह से जुड़ा है जिसने डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल से लोगों को ठगा. हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी केवल 5वीं कक्षा पास हैं, बावजूद इसके उन्होंने बड़े पैमाने पर लोगों को विश्वास में लेकर करोड़ों रुपये का फ्रॉड किया।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह ऑनलाइन लेन-देन, क्रिप्टो वॉलेट और फर्जी निवेश योजनाओं के ज़रिये लोगों को लुभाता था और नगदी के बजाय डिजिटल माध्यमों के ज़रिये धन हस्तांतरित करता था। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह नेटवर्क लोगों को निवेश के नाम पर आकर्षक रिटर्न का लालच देता था, लेकिन हकीकत में यह सब साइबर फ्रॉड का हिस्सा था और इसमें कुल ठगी का आंकड़ा लगभग ₹85 करोड़ तक पहुँच गया।
मुजफ्फरनगर साइबर पुलिस ने अभियुक्तों से विभिन्न डिजिटल उपकरण और डेटा भी जब्त किए हैं और आगे की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह गिरोह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या उन्होंने अकेले ही यह फ्रॉड किया।
पुलिस ने कहा है कि साइबर अपराध के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है और जनता को ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में सावधान रहने की सलाह दी गई है।
