लुटियंस दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन को लेकर नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने नए नियमों को मंजूरी दे दी है। इन नियमों के तहत घरों, दुकानों, रेस्टोरेंट, होटल और अन्य संस्थानों से लिए जाने वाले मासिक यूजर चार्ज में बढ़ोतरी की गई है। साथ ही कचरे को अलग-अलग नहीं करने, खुले में कूड़ा जलाने और सफाई से जुड़े अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नए नियमों में कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों में अलग करना जरूरी होगा।
नए नियमों के अनुसार 50 वर्ग मीटर तक के रिहायशी प्लॉट या घर के लिए मासिक कूड़ा प्रबंधन शुल्क 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये किया जाएगा। 50 से 200 वर्ग मीटर तक के प्लॉट के लिए शुल्क 100 रुपये से बढ़कर 200 रुपये और 200 वर्ग मीटर से बड़े आवासीय परिसर के लिए 200 रुपये से बढ़कर 300 रुपये होगा। इस तरह छोटे और बड़े दोनों आवासीय वर्गों के लिए पहले की तुलना में यूजर चार्ज बढ़ाया गया है।
व्यावसायिक और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए भी शुल्क बढ़ाया गया है। सड़क किनारे सामान बेचने वाले वेंडरों का मासिक शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रस्तावित किया गया है। गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं के लिए यह शुल्क 2,000 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये होगा। 50 सीट तक वाले रेस्टोरेंट के लिए मासिक शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये और अधिक क्षमता वाले रेस्टोरेंट के लिए 3,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये किया जाएगा।
नए नियमों में कचरे को घर या प्रतिष्ठान से निकलते समय ही चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटना जरूरी होगा। इसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और विशेष देखभाल वाला कचरा शामिल है। NDMC के मुताबिक, घर-घर कूड़ा उठाने वाले ऑटो-टिपर वाहनों में भी चार अलग-अलग कंपार्टमेंट की व्यवस्था की गई है, ताकि अलग-अलग किया गया कचरा दोबारा आपस में न मिले।
कचरे का स्रोत पर पृथक्करण नहीं करने पर भी अब जेब पर भारी असर पड़ेगा। घरेलू स्तर पर कचरा अलग-अलग नहीं करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। क्लब और सिनेमा हॉल जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए यह जुर्माना 7,500 रुपये और शादी व बैंक्वेट हॉल के लिए 15,000 रुपये तक होगा। पुराने नियमों में इन श्रेणियों के लिए जुर्माना क्रमशः 200, 5,000 और 10,000 रुपये था।
खुले में कूड़ा जलाने पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। इसके लिए जुर्माना 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये किया गया है। इसी तरह कचरे का सही तरीके से निपटान नहीं करने वाले वेंडरों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों के लिए भी अलग-अलग जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नियमों का पालन नहीं करने पर आरडब्ल्यूए पर 15,000 रुपये, मार्केट एसोसिएशन पर 30,000 रुपये और होटल पर 74,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
नए नियमों का उद्देश्य सिर्फ कचरा उठाने और उसे डंप करने तक सीमित व्यवस्था के बजाय कचरे को अलग करने, रीसाइक्लिंग, कचरे से उपयोगी सामग्री हासिल करने और स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना है। NDMC के अधिकारियों के मुताबिक, इससे अंतिम निपटान के लिए भेजे जाने वाले कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है। NDMC क्षेत्र में रोजाना करीब 300 टन कचरा पैदा होता है और वर्तमान में इतनी ही मात्रा को प्रोसेस किया जा रहा है।
नियमों में कूड़ा प्रबंधन की निगरानी के लिए कम्युनिटी पेट्रोलर और क्लीनलिनेस कमेटियों की व्यवस्था का भी प्रावधान है। इसका उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना और स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था की निगरानी बढ़ाना है। नए नियमों को परिषद ने मंजूरी दे दी है, लेकिन इनके पूरी तरह लागू होने के लिए संबंधित स्तर पर अधिसूचना की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।
NDMC के नए प्रावधानों से साफ है कि अब लुटियंस दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करने पर पहले की तुलना में ज्यादा आर्थिक दंड देना पड़ सकता है। वहीं नियमित रूप से यूजर चार्ज का भुगतान करने और घर या प्रतिष्ठान से निकलने वाले कचरे को निर्धारित श्रेणियों में अलग करने पर जोर दिया गया है। नए सिस्टम के तहत प्रशासन का फोकस कचरा संग्रहण के साथ-साथ उसके वैज्ञानिक प्रबंधन और रीसाइक्लिंग पर भी रहेगा।
