NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों को कानूनी सहायता देने का बड़ा ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि जिन छात्रों पर प्रदर्शन के दौरान एफआईआर दर्ज हुई है, हिरासत में लिया गया है या अन्य कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें मुफ्त कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस अभियान की घोषणा सामाजिक कार्यकर्ता गुरमेहर कौर ने की, जिन्हें कांग्रेस ने इस पहल का प्रमुख चेहरा बनाया है।
कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के साथ हुई बातचीत के दौरान सरकार की ओर से यह भरोसा दिया गया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन बाद में बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में छात्रों पर एफआईआर दर्ज होने तथा पुलिस कार्रवाई की खबरें सामने आईं। पार्टी का कहना है कि यह छात्रों से किए गए वादे के विपरीत है और इसी कारण प्रभावित छात्रों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
प्रेस वार्ता के दौरान गुरमेहर कौर ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से ‘CKG Legal SOS’ हेल्पलाइन शुरू की गई है, जिसके माध्यम से छात्र अपने खिलाफ दर्ज मामलों, पुलिस कार्रवाई या अन्य कानूनी समस्याओं के संबंध में सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उनके साथ इस अवसर पर छात्र संगठन NSUI के पदाधिकारी और युवा कांग्रेस के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं से जुड़ी है। इन्हीं आरोपों को लेकर पिछले कई सप्ताह से देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस आंदोलन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसके खिलाफ विभिन्न अदालतों में भी याचिकाएं दायर की गई हैं। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर न्यायिक स्तर पर भी सुनवाई हो रही है।
उधर, कुछ राज्यों में सरकारों ने आंदोलन से जुड़े छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की है। इसके बावजूद विपक्ष का कहना है कि सभी राज्यों में एक समान नीति अपनाई जानी चाहिए ताकि किसी भी छात्र को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के कारण कानूनी परेशानियों का सामना न करना पड़े। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बल्कि छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़ा विषय मानती है।
फिलहाल NEET-UG विवाद केवल परीक्षा प्रणाली तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्र अधिकारों, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच होने वाली बातचीत तथा न्यायालयों में चल रही सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है। वहीं कांग्रेस की कानूनी सहायता पहल से उन छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है जो आंदोलन में भाग लेने के कारण कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
