दुनिया भर में राजनीतिक हलचल मचाने वाली खबर के मुताबिक वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सैनिकों ने गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया है। इस कार्रवाई के पीछे अब एक बेहद चौंकाने वाला और असामान्य कारण भी सामने आया है। अमेरिकी समाचार पत्र द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मादुरो के सरकारी टीवी पर नियमित रूप से डांस करते हुए दिखने और खुले तौर पर अमेरिका की धमकियों का मज़ाक उड़ाने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों ने व्हाइट हाउस में बड़े अधिकारियों को भड़काया और यह निर्णय लेने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जानकारी के मुताबिक, जब अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव पहले से ही बढ़ रहा था, तब मादुरो कई सरकारी टेलिविज़न कार्यक्रमों में नाचते-गाते और आत्मविश्वास से भरे संदेश देते हुए दिखाई दिए। एक वायरल वीडियो में वे इलेक्ट्रॉनिक संगीत पर धुन पर झूमते हुए, अंग्रेज़ी पृष्ठभूमि फुटेज के साथ “No crazy war” कहते हुए दिखे, जो बाद में अमेरिकी अधिकारियों के लिए एक खुला उपहास बन गया। व्हाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, यही वह “एक डांस मूव” था जिसने ट्रम्प प्रशासन की सब्र की आखिरी सीमा को पार कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिसंबर के अंत में मादुरो को सत्ता छोड़ने और तुर्की में निर्वासन स्वीकार करने का अल्टीमेटम दिया था, जिसे मादुरो ने ठुकरा दिया। मादुरो की यह गैर-संकीर्ण आक्रामकता और सार्वजनिक रूप से धमकियों को हल्के में लेना, अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए असंतोष का कारण बन गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाइट हाउस के कुछ सदस्यों ने इसे न केवल चुनौती बल्कि अमेरिकी चेतावनियों का मज़ाक उड़ाने वाला प्रदर्शन माना, जिसके बाद सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
3 जनवरी को अमेरिकी विशेष बलों द्वारा कराकस में तड़के चलाए गए ऑपरेशन में मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया और फिर उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया, जहाँ वे अमेरिकी कानून के तहत नार्को-टेररिज़्म, कोकीन तस्करी और हथियारों से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
5 जनवरी को मादुरो को न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किया गया, जहाँ उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि वे एक कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए भी निष्पक्ष सुनवाई के हक़दार हैं। इस सुनवाई के दौरान उन्होंने खुद को “वेनेज़ुएला का वैध राष्ट्रपति” बताया और अमेरिकी कार्रवाई को अवैध करार दिया। अगली सुनवाई मार्च 2026 में होने की योजना है।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कानून के क्षेत्र में भारी विवाद का विषय बन चुका है। अमेरिका ने इसे एक कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण मिशन बताया है, जबकि आलोचक इसे अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन और तेल संसाधनों तथा भू-रणनीतिक हितों से प्रेरित बताया जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम दर्शाता है कि आज के समय में राजनीति के निर्णय न केवल सैन्य या आर्थिक हितों से, बल्कि प्रतीकात्मक और सांस्कृतिक संकेतों से भी प्रभावित होते हैं, चाहे वह एक सार्वजनिक डांस जैसी गतिविधि ही क्यों न हो।
