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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का जायजा लेने निकले नितिन गडकरी, निर्माण गुणवत्ता और समयसीमा पर दिया सख्त संदेश

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और निर्धारित समयसीमा का विस्तृत जायजा लिया। अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी कार्य तय समय के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।

निरीक्षण के दौरान गडकरी ने विभिन्न निर्माण स्थलों पर पहुंचकर इंजीनियरों और परियोजना से जुड़े अधिकारियों से सीधे जानकारी ली। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता, पुलों, इंटरचेंज, सर्विस रोड, जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए और भविष्य में सड़क की मजबूती तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में से एक है, जो दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरता है तथा इसके पूरी तरह चालू होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और माल परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल समय पर पूरा होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी विश्वस्तरीय होनी चाहिए। हाल के दिनों में कुछ एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषपूर्ण निर्माण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सरकार के अनुसार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पूरा होने से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। इससे ईंधन की बचत होगी, परिवहन लागत कम होगी और औद्योगिक तथा व्यावसायिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही दिल्ली-वडोदरा खंड के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद पश्चिम भारत के कई प्रमुख शहरों के बीच संपर्क और अधिक बेहतर होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि भारत के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इसके जरिए तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क परिवहन व्यवस्था विकसित होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। नितिन गडकरी के ताजा निरीक्षण को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अब परियोजना को उच्च गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है

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