नोएडा और ग्रेटर नोएडा में शनिवार को कई पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ देखने को मिली। शहर के अलग-अलग इलाकों में कार और बाइक की लंबी कतारें लग गईं और बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों की टंकी फुल करवाने के लिए पहुंचने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की आशंका के कारण लोग पहले ही ईंधन भरवा लेना चाहते हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर असामान्य भीड़ देखने को मिली।
दरअसल पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसी आशंका के कारण कई लोग जल्दबाजी में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए और अपनी कार तथा बाइक की टंकियां पूरी तरह भरवा लीं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट समेत शहर के कई पेट्रोल पंपों पर शाम के समय लंबी लाइनों में वाहन खड़े नजर आए। कुछ लोगों का कहना था कि अगर आने वाले दिनों में कीमतें बढ़ती हैं तो पहले से टंकी फुल करवा लेने से अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।
जानकारी के अनुसार खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है। ईरान और अन्य तेल उत्पादक देशों से दुनिया को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल मिलता है और यदि युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसी कारण लोगों के बीच पेट्रोल-डीजल महंगा होने की चर्चा तेज हो गई, जिसके चलते अचानक मांग बढ़ गई।
हालांकि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी तत्काल बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है। अधिकारियों के मुताबिक पेट्रोलियम कंपनियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने की कोशिश न करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में अक्सर अफवाहों के कारण “पैनिक बाइंग” की स्थिति बन जाती है, जिससे पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ जाती है। कई जगहों पर यह देखा गया है कि लोग अतिरिक्त कैन और डिब्बों में भी पेट्रोल-डीजल भरवाने की कोशिश करते हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, नोएडा में पेट्रोल पंपों पर लगी यह भीड़ किसी वास्तविक कमी के कारण नहीं बल्कि संभावित कीमत बढ़ने की आशंका और अफवाहों के चलते देखी गई। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल ईंधन की उपलब्धता सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
