ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रोजमर्रा के सामान के साथ खतरनाक विस्फोटक पदार्थों की बिक्री से जुड़ी लिस्टिंग सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की कार्रवाई के बाद सात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कुल 3,940 विक्रेताओं की लिस्टिंग हटा दी गई है। इन लिस्टिंग में अमोनियम नाइट्रेट, गन पाउडर, पिक्रिक एसिड और PETN जैसे नियंत्रित विस्फोटक पदार्थ शामिल थे।
कार्रवाई के दायरे में IndiaMART, TradeIndia, Justdial, Dial4Trade, ExportersIndia, Sigma-Aldrich India और Ibuychemikals शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 3,092 लिस्टिंग IndiaMART से हटाई गईं। इसके अलावा ExportersIndia से 421, Justdial से 206, TradeIndia से 166 और Dial4Trade से 11 लिस्टिंग हटाई गईं। दो अन्य प्लेटफॉर्म ने बताया कि वे अपने उत्पाद बेचते हैं और बाहरी विक्रेताओं की लिस्टिंग नहीं करते।
इस मामले में CCPA ने अब तक तीन मामलों में अंतिम आदेश जारी करते हुए कुल 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। Dial4Trade पर अमोनियम नाइट्रेट की ऑनलाइन लिस्टिंग से जुड़े मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, ExportersIndia से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। ये मामले अमोनियम नाइट्रेट, PETN और पिक्रिक एसिड की लिस्टिंग से संबंधित हैं।
Dial4Trade ने जुर्माने के आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) ने 9 अक्टूबर 2026 को उसकी अपील खारिज कर दी। ExportersIndia ने भी अपने खिलाफ जारी आदेशों को चुनौती दी है। वहीं, IndiaMART और Justdial से जुड़े मामलों में नियामकीय प्रक्रिया अभी जारी है।
IndiaMART ने CCPA के नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। Justdial के मामले में अगली और अंतिम सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। TradeIndia, Sigma-Aldrich India और Ibuychemikals से संबंधित मामलों की भी जांच की जा रही है। इन प्रक्रियाओं के जारी रहने का मतलब है कि सभी प्लेटफॉर्म के मामलों में अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
नियमों के तहत अमोनियम नाइट्रेट और PETN जैसे पदार्थों की खरीद-बिक्री के लिए निर्धारित लाइसेंस और कानूनी शर्तों का पालन करना जरूरी है। संबंधित नियमों के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अपेक्षा की जाती है कि वे विक्रेताओं के वैध लाइसेंस का विवरण उपलब्ध कराएं और खरीदारी से पहले खरीदार की पहचान तथा उसके लाइसेंस की पुष्टि सुनिश्चित करें। इस कार्रवाई का उद्देश्य खतरनाक पदार्थों की अनधिकृत बिक्री पर रोक लगाना और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
सरकार ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विस्फोटक पदार्थों की बिक्री से जुड़ी लिस्टिंग दिखाई देती है, तो इसकी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर करें। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ऑनलाइन कारोबार में विक्रेताओं की पहचान, लाइसेंस की जांच और प्रतिबंधित या नियंत्रित वस्तुओं की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
