पाकिस्तान ने चीन को गधे के मांस और उसकी खाल के निर्यात को मंजूरी दे दी है। यह फैसला उस समय लिया गया जब ग्वादर में काम कर रही एक चीनी कंपनी ने चेतावनी दी थी कि अगर निर्यात की अनुमति नहीं मिली तो वह अपना कारोबार बंद कर देगी। इस दबाव के बाद पाकिस्तान सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए निर्यात को हरी झंडी दे दी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला चीन की Hangeng Trade Company से जुड़ा है, जो ग्वादर में गधे के मांस और खाल को प्रोसेस कर चीन भेजती है। लंबे समय से मंजूरी में देरी के कारण कंपनी ने संचालन बंद करने की बात कही थी, जिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पाकिस्तान की आर्थिक समन्वय समिति (ECC) पहले ही ग्वादर पोर्ट के जरिए गधे के मांस और खाल के निर्यात को मंजूरी दे चुकी थी। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा कमाने में मदद मिलेगी और आर्थिक स्थिति को कुछ राहत मिल सकती है।
दरअसल, चीन में गधे की खाल से बनने वाली पारंपरिक दवा “एजियाओ” (Ejiao) की भारी मांग है, जिसके कारण वहां गधों की संख्या तेजी से घट गई है। इसी वजह से चीन पाकिस्तान जैसे देशों से गधों और उनके उत्पादों का आयात बढ़ा रहा है।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान हर साल लाखों गधों से जुड़े उत्पादों का निर्यात कर सकता है और इससे करोड़ों डॉलर की कमाई होने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले को लेकर पशु संरक्षण और नैतिकता से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।
