हाल ही में पाकिस्तान में एक गंभीर राजनीतिक मोड़ आया है, जहाँ एक सक्रिय राजनीतिक नेता —Khawaja Asif — ने खुलकर सेना का समर्थन किया है और जेल में बंद Imran Khan व उनकी पार्टी PTI पर आरोप लगाया है कि उन्होंने देश के खिलाफ बयानबाज़ी करके “anti-state narrative” फैलाया।
Asif ने कहा कि Inter-Services Public Relations (ISPR) के बयान के बाद जो प्रतिक्रियाएँ आई हैं, वो जायज़ हैं। ISPR के प्रवक्ता Lt Gen Ahmed Sharif Chaudhry ने Imran Khan को “delusional mindset” का व्यक्ति और उसी के हवाले “national security threat” बताया था, साथ ही आरोप लगाया था कि PTI की बयानबाज़ी सेना और राज्य संस्थानों को बदनाम करने की कोशिश है।
Asif ने कहा कि PTI ने कभी भी देश की सलामती व सेनाओं की कुर्बानियों को स्वीकार नहीं किया, और उन्होंने उस पार्टी को “terrorists के साथ नरम रवैया अपनाने वाली” करार दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि PTI केवल सत्ता पाने के लिए सेना, आतंकवाद औरठीकादारों के खिलाफ बयानबाज़ी कर रही है।
दूसरी ओर, PTI और उसके नेताओं ने इन आरोपों को नकारा है। उन्होंने ISPR और सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों को “राजनीतिक रूप से प्रेरित”, “असत्य” और “राष्ट्र-विरोधी” Narrative फैलाने की कोशिश करार दिया। PTI का कहना है कि वे युद्ध-जहाँगीरी या सेना विरोधी नहीं, बल्कि लोकतंत्र व संविधान की रक्षा कर रहे हैं।
इस घटना के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण दिख रहा है। कई पार्टियों और हर तरफ से मिलकर सेना का समर्थन हो रहा है, जबकि PTI और उसके समर्थकों में असंतोष व विरोध जारी है। राजनीतिज्ञों ने चेतावनी दी है कि सेना व राज्य-संस्थाओं पर हमलों को “देश के लिए खतरा” माना जाए
