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T20 वर्ल्ड कप 2026: नामीबिया के खिलाफ मैच में पाक कप्तान सलमान अली आगा और कोच माइक हेसन के बीच तनावपूर्ण बहस, टीम में बढ़ा संकट

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ICC T20 वर्ल्ड कप 2026 के एक महत्वपूर्ण ग्रुप मैच में जहां पाकिस्तान की टीम को नामीबिया के खिलाफ जीत हासिल करनी थी ताकि वह सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर सके, वहीं टीम के अंदर चल रहा तनाव भी मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखा। बुधवार को सिंगल्स स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर जब पाकिस्तान ने नामीबिया के खिलाफ बल्लेबाजी शुरू की और बल्लेबाजों ने टीम को 199/3 तक पहुँचाया, तब एक अलग ही नजारा डगआउट में देखा गया। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा और टीम के मुख्य कोच माइक हेसन के बीच एक तीखी बहस हुई, जो कैमरे में भी कैद हो गई।

वीडियो फुटेज में साफ देखा गया कि सलमान आगा मैच के दौरान तनाव में हैं और कोच माइक हेसन उनके पास कुछ कहते हुए दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बहस शायद टीम के प्रदर्शन और रणनीति को लेकर हुई, जिसमें दोनों पक्ष भावुक मुद्रा में रहे। इतनी तीव्रता देखी गई कि आगा ने गुस्से में पानी की बोतल ज़मीन पर पटक दी, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। यह दृश्य कई दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए चौंकाने वाला रहा, क्योंकि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के भीतर इस तरह की चर्चा दुर्लभ होती है।

इस अप्रत्याशित तनाव के बीच, टीम के वरिष्ठ खिलाड़ी बाबर आज़म केवल खामोशी से सब कुछ देखते रहे, जबकि मैदान पर साहिबजादा फरहान ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए पाकिस्तान को मजबूत लक्ष्य तक पहुँचाया। फ़रहान ने 58 गेंदों में अपना पहला टी20 शतक जड़ा और टीम की पारी को मजबूती दी, लेकिन कप्तान आगा खुद केवल 38 रन बनाकर आउट हो गए।

पाकिस्तान की यह स्थिति टीम के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। भारतीय टीम से पिछली हार के बाद सुपर-8 में पहुंचने की उम्मीदें झकझोर कर रह गई थीं, और इसका असर टीम के मनोबल पर भी देखा गया। कोच हेसन ने पहले कहा था कि टीम को भारत के खिलाफ हार से उबरकर नामीबिया के मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहिए, लेकिन मैदान के बाहर की यह बहस टीम के लिए चिंता का एक नया विषय बन गई है।

क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के तनावपूर्ण क्षण किसी भी टीम की एकजुटता और निर्णय-प्रक्रिया पर असर डाल सकते हैं, खासकर जब टूर्नामेंट की स्थिति “करो या मरो” जैसी हो। पाकिस्तान टीम को न केवल मैदान के अंदर बल्कि ड्रेसिंग रूम के अंदर भी सामंजस्य बनाए रखना होगा ताकि आगे के मुकाबलों में प्रदर्शन स्थिर रह सके।

यह घटना यह भी दर्शाती है कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि खिलाड़ियों और प्रबंधन के बीच तालमेल, मनोबल और दबाव का एक बड़ा संग्राम भी है। अब यह देखने वाली बात होगी कि पाकिस्तान की टीम इस तनाव को कैसे संभालती है और सुपर-8 के लिए अपनी उम्मीदों को जीवित रख पाती है या नहीं।

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