बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 31 साल पुराने मकान विवाद के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद की शुरुआत 1995 में हुई थी जब पप्पू यादव ने कथित तौर पर पटना के गर्दनीबाग इलाके में एक मकान किराए पर लिया, लेकिन मकान मालिक के साथ अनुबंध के समय छुपाकर बाद में उस घर को राजनीतिक कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस भ्रष्ट तरीके से किराया लेने और मकान का उपयोग बदलने के कारण विवाद उभरा था।
उस समय मामला गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। पप्पू यादव के बार-बार कोर्ट में नहीं आने के कारण सुप्रीम कोर्ट नहीं, बल्कि विशेष MP/MLA अदालत ने वारंट जारी किया, और इसी वारंट के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार देर रात उन्हें उनके पटना स्थित आवास से गिरफ्तार किया।
सांसद यादव ने गिरफ्तारी के समय पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कोशिश बताया और कहा कि उन्हें रात में गिरफ्तार करना गलत और अनुचित था। समर्थकों के बीच हंगामा भी देखा गया।
गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले IGIMS अस्पताल, फिर पीएमसीएच ले जाया गया और अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में इलाज का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 9 फ़रवरी 2026 को निर्धारित है।
इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी तेज़ हैं, जहाँ विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई को इंसाफ की आवाज़ दबाने की कोशिश बताया है।
