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पवन सिंह की मांग पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार में बनेगी फिल्म सिटी! भोजपुरी इंडस्ट्री को मिलेगा नया ठिकाना

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बिहार की भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भोजपुरी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए बिहार में फिल्म सिटी और फिल्म स्टूडियो विकसित करने का वादा किया है। यह घोषणा ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले के दौरान की गई, जहां मुख्यमंत्री के साथ भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह समेत इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पवन सिंह ने उनसे बिहार में फिल्म सिटी बनाने की मांग की थी, जिसके जवाब में उन्होंने इसे लेकर बड़ा आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम के मंच से कहा कि पवन सिंह ने उनसे बिहार में फिल्म सिटी बनाने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार में फिल्म निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और फिल्म स्टूडियो बनाने का काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद पवन सिंह भावुक नजर आए और उन्होंने हाथ जोड़कर उनका धन्यवाद किया। इस पूरे पल का वीडियो प्रोमो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।

दरअसल, बिहार में लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग उठती रही है। भोजपुरी सिनेमा का बड़ा हिस्सा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़ा है, लेकिन शूटिंग, पोस्ट-प्रोडक्शन और आधुनिक स्टूडियो जैसी सुविधाओं के लिए कलाकारों और निर्माताओं को अक्सर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में अगर बिहार में व्यवस्थित फिल्म सिटी और आधुनिक स्टूडियो तैयार होता है तो स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और निर्माताओं के लिए काम के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा को केवल भोजपुरी फिल्मों तक सीमित नहीं देखा जा रहा है। इससे बिहार की अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रीय संस्कृति को भी बड़े पर्दे पर बढ़ावा देने की संभावना है। इससे पहले मुख्यमंत्री की ओर से यह भी कहा गया था कि बिहार में भोजपुरी के साथ-साथ अंगिका, मगही, बज्जिका और मैथिली भाषाओं में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार ने फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को सहयोग देने की बात भी कही है।

बिहार में फिल्म सिटी बनाने की योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय संस्कृति को फिल्मों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाना भी है। बिहार की ऐतिहासिक विरासत, लोक कला, संगीत, साहित्य और धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों को फिल्मों और वेब कंटेंट के माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भी बिहार की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति को सकारात्मक रूप से दुनिया के सामने रखने की जरूरत पर जोर दिया है।

सरकार की ओर से फिल्म निर्माण को लेकर पहले ही कुछ कदम उठाए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 54 फिल्मों की शूटिंग को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा अभिनेता सुनील शेट्टी की ओर से भी अक्टूबर से बिहार में फिल्म की शूटिंग शुरू करने की इच्छा जताए जाने की बात सामने आई थी। इससे संकेत मिलता है कि राज्य सरकार फिल्म शूटिंग के लिए बिहार को अधिक आकर्षक स्थान बनाने की दिशा में काम कर रही है।

वहीं, ‘भोजपुरी बवाल’ के ग्रैंड फिनाले ने इस घोषणा को और खास बना दिया। 2 अगस्त से शुरू हुए इस शो का ग्रैंड फिनाले 6 सितंबर को होना है। शो में भोजपुरी सिनेमा के चर्चित कलाकारों के साथ राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी भी देखने को मिली है। पवन सिंह, आम्रपाली दुबे और दिनेश लाल यादव निरहुआ जैसे कलाकारों के साथ तेज प्रताप यादव भी शो से जुड़े रहे हैं।

फिनाले के प्रोमो में मनोरंजन का जबरदस्त तड़का भी देखने को मिला। पवन सिंह ने मंच पर अपना लोकप्रिय गाना ‘लॉलीपॉप लागेलु’ गाया, जिस पर वहां मौजूद कलाकार और अन्य हस्तियां झूमते नजर आईं। आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और पाखी हेगड़े समेत भोजपुरी मनोरंजन जगत के कई चेहरे भी फिनाले में दिखाई देंगे।

इस पूरे घटनाक्रम में पवन सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने बिहार में फिल्म सिटी की जरूरत का मुद्दा उठाया और अब मुख्यमंत्री की ओर से इस पर सकारात्मक घोषणा की गई है। यदि यह योजना जमीन पर उतरती है तो भोजपुरी सिनेमा के लिए यह लंबे समय में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

फिल्म सिटी बनने से सिर्फ कलाकारों को ही फायदा नहीं होगा। कैमरा, लाइटिंग, मेकअप, सेट डिजाइन, एडिटिंग, साउंड, कॉस्ट्यूम, तकनीकी काम और प्रोडक्शन से जुड़े हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। स्थानीय युवाओं को फिल्म और मनोरंजन उद्योग से जुड़ी नौकरियों के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत भी कम हो सकती है।

इसके अलावा बिहार में फिल्म शूटिंग बढ़ने से होटल, परिवहन, पर्यटन, स्थानीय कारोबार और अन्य सेवाओं को भी फायदा मिल सकता है। अगर फिल्म निर्माता बिहार के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थानों को शूटिंग लोकेशन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, तो राज्य के पर्यटन को भी नई पहचान मिल सकती है।

हालांकि, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब असली चुनौती इसे धरातल पर उतारने की होगी। फिल्म सिटी के लिए जमीन, बजट, आधुनिक स्टूडियो, शूटिंग सेट, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं और फिल्म निर्माताओं के लिए आसान प्रक्रियाएं तैयार करना जरूरी होगा। सिर्फ घोषणा से फिल्म इंडस्ट्री का पूरा इकोसिस्टम तैयार नहीं होगा, बल्कि इसके लिए लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से निवेश और सुविधाओं का विकास करना होगा।

फिलहाल भोजपुरी फिल्म जगत में इस घोषणा को लेकर उत्साह है। जिस बिहार से भोजपुरी सिनेमा को बड़े पैमाने पर कलाकार और दर्शक मिले हैं, वहीं अगर एक आधुनिक फिल्म सिटी तैयार होती है तो यह क्षेत्रीय सिनेमा के लिए नया केंद्र बन सकता है। पवन सिंह की मांग पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह ऐलान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बिहार में स्थानीय फिल्म उद्योग को संस्थागत और आधुनिक आधार मिलने की उम्मीद जगी है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद फिल्म सिटी के लिए जमीन और योजना कब सामने आती है और इसका निर्माण किस स्थान पर किया जाता है। अगर सरकार इस घोषणा को तेजी से अमल में लाती है, तो आने वाले वर्षों में बिहार सिर्फ भोजपुरी फिल्मों का दर्शक बाजार नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण का बड़ा केंद्र भी बन सकता है।

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