दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में एक दर्दनाक विमान हादसे ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। प्रसिद्ध विश्व धरोहर स्थल नाज़्का लाइन्स (Nazca Lines) का हवाई भ्रमण कराने वाला एक छोटा पर्यटक विमान उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार विमान में 11 विदेशी पर्यटक और 2 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। हादसे के बाद विमान में आग लग गई और किसी के भी जीवित बचने की संभावना नहीं रही। स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन सभी यात्रियों की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार, यह विमान पेरू की स्थानीय एयरलाइन एरोडियाना (Aerodiana) द्वारा संचालित किया जा रहा था और पर्यटकों को नाज़्का लाइन्स का हवाई दृश्य दिखाने के लिए उड़ान भर रहा था। उड़ान भरने के कुछ समय बाद पायलट ने आपातकालीन स्थिति की सूचना दी, जिसके बाद विमान से संपर्क टूट गया। बाद में विमान का मलबा नाज़्का शहर के निकट एक खुले क्षेत्र में मिला। दुर्घटना के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है और विशेषज्ञों की टीम तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति तथा अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है।
मृतकों में इटली, स्पेन और जर्मनी के पर्यटक शामिल बताए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने सभी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित देशों के दूतावासों को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है। पेरू सरकार ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही नागरिक उड्डयन और परिवहन से जुड़ी एजेंसियों को दुर्घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नाज़्का लाइन्स पेरू के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक हैं और इन्हें देखने के लिए हर वर्ष हजारों पर्यटक छोटे विमानों से हवाई यात्रा करते हैं। रेगिस्तान में बनी ये विशाल प्राचीन आकृतियां जमीन से पूरी तरह दिखाई नहीं देतीं, इसलिए पर्यटक विशेष दर्शनीय उड़ानों का सहारा लेते हैं। हालांकि पिछले वर्षों में भी इस क्षेत्र में छोटे विमानों से जुड़े कुछ हादसे सामने आ चुके हैं, जिसके चलते पर्यटन उड़ानों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
फिलहाल दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी उपकरणों की जांच की जा रही है। विमानन विशेषज्ञ दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं। प्रारंभिक जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से अधिकारियों ने इनकार किया है। इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटन उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था और छोटे विमानों के संचालन मानकों पर वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुआ।
