
समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने की सार्वजनिक घोषणा कर दी है। इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार दोनों में ही हलचल मच गई है। प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में कहा कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और उनका वैवाहिक जीवन पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रिश्ते की वजह से उनके परिवार के अंदर गहरे मतभेद पैदा हुए और पारिवारिक एकता को नुकसान पहुंचा। प्रतीक ने यह भी कहा कि उन्होंने हालात को संभालने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी।
प्रतीक यादव के इस बयान में आरोपों की गंभीरता ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि उन्होंने अपर्णा यादव पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने परिवारिक रिश्तों को कमजोर किया और उनके मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी की। वहीं अपर्णा यादव भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी एक सक्रिय राजनीतिक चेहरा हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। दोनों की शादी वर्ष 2012 में हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। इतने लंबे समय बाद इस तरह सार्वजनिक रूप से तलाक की घोषणा करना न केवल निजी जीवन का मामला बन गया है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम को यादव परिवार के भीतर पहले से चले आ रहे मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक पारिवारिक मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैचारिक और राजनीतिक मतभेद भी हो सकते हैं। फिलहाल अपर्णा यादव की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रतीक यादव के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।



